उत्तर प्रदेश

वाराणसी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट, दुकान में लगी भीषण आग

Rajeshwari Nishad
28 Oct 2026 7:21 PM IST
वाराणसी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट, दुकान में लगी भीषण आग
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की देर शाम आग लगने की एक गंभीर घटना सामने आई है। शिवपुर थाना क्षेत्र में रेलवे फाटक के समीप स्थित गैस चूल्हे की एक दुकान में रखे सिलेंडर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दुकान में रखे अन्य सिलेंडरों में भी तेज आवाज के साथ विस्फोट होने लगे। लगातार धमाकों से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। घटना ने घनी आबादी और व्यस्त बाजार क्षेत्रों में गैस सिलेंडरों के भंडारण तथा अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुकान में आग लगने के बाद वहां रखे सिलेंडर भी इसकी चपेट में आ गए। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह, फटे हुए सिलेंडरों की संख्या और किसी के घायल होने के संबंध में आधिकारिक जानकारी की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
शिवपुर रेलवे फाटक के पास हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, वाराणसी के शिवपुर थाना अंतर्गत रेलवे फाटक के पास गैस चूल्हे की एक दुकान में बुधवार देर शाम अचानक आग भड़क उठी।बताया जा रहा है कि शुरुआत में दुकान में रखे एक सिलेंडर में आग लगी। इसके बाद आग आसपास रखे अन्य सिलेंडरों तक फैल गई। सिलेंडरों में विस्फोट होने से स्थिति और गंभीर हो गई।एक के बाद एक तेज धमाकों ने आसपास मौजूद लोगों की चिंता बढ़ा दी। गैस सिलेंडर में विस्फोट होने की घटनाएं बेहद खतरनाक हो सकती हैं, क्योंकि इनसे आग तेजी से फैलने और आसपास के प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।घटना के दौरान दुकान में कितने सिलेंडर मौजूद थे और उनमें से कितने पूरी तरह आग की चपेट में आए, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
एक के बाद एक सिलेंडरों में होने लगे धमाके
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, दुकान में आग लगने के बाद अन्य सिलेंडरों से भी तेज धमाकों की आवाज आने लगी।सिलेंडरों में आग और विस्फोट की वजह से आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में उसके अंदर मौजूद गैस और बढ़ता तापमान गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। विशेष रूप से बंद या सीमित स्थानों पर रखे सिलेंडरों के आसपास आग फैलने से स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है।ऐसी घटनाओं में बचाव कार्य के दौरान सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है।
आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं
शिवपुर में गैस चूल्हे की दुकान में लगी आग किन परिस्थितियों में शुरू हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है।आग लगने के पीछे गैस रिसाव, तकनीकी खराबी, बिजली संबंधी समस्या या किसी अन्य कारण की भूमिका थी या नहीं, यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा।फिलहाल किसी एक कारण को इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी।इसके साथ ही यह भी जांच का विषय हो सकता है कि दुकान में रखे सिलेंडरों की स्थिति क्या थी और वहां सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही थीं या नहीं।
आसपास की दुकानों के लिए भी पैदा हुआ खतरा
रेलवे फाटक और बाजार के आसपास स्थित किसी दुकान में आग लगना गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे स्थानों पर आमतौर पर दुकानदारों, ग्राहकों और राहगीरों की आवाजाही बनी रहती है।गैस सिलेंडरों में विस्फोट होने की स्थिति में आग आसपास के प्रतिष्ठानों तक फैलने का खतरा रहता है।इसके अलावा विस्फोट से निकले गर्म पदार्थ और क्षतिग्रस्त सिलेंडर के हिस्से आसपास मौजूद लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।इसी कारण गैस सिलेंडर रखने वाले प्रतिष्ठानों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और आग लगने की स्थिति से निपटने की तैयारी होना आवश्यक है।हालांकि, शिवपुर की इस घटना में आसपास की दुकानों या अन्य संपत्तियों को कितना नुकसान पहुंचा है, इसका अभी आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।
अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने गैस चूल्हे और सिलेंडर से संबंधित कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है।विशेषज्ञों के अनुसार, गैस सिलेंडरों को सुरक्षित और हवादार स्थान पर रखना चाहिए। इन्हें आग, अत्यधिक गर्मी तथा बिजली की चिंगारी पैदा करने वाले उपकरणों से दूर रखना आवश्यक है।सिलेंडरों का भंडारण लागू नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुसार होना चाहिए।व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और आपातकालीन निकासी की उचित व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है।यदि किसी दुकान में बड़ी संख्या में सिलेंडर रखे जाते हैं, तो उनकी सुरक्षित स्थिति और भंडारण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
पहले भी वाराणसी में सामने आ चुकी हैं आग की घटनाएं
वाराणसी में इससे पहले भी बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भीषण आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।22 अक्टूबर 2026 को मदनपुरा क्षेत्र में एक हार्डवेयर की दुकान में भीषण आग लग गई थी। दुकान में रखे ज्वलनशील सामान के कारण लपटें आसपास की इमारतों तक पहुंच गई थीं।उस घटना में अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियों को आग बुझाने के लिए लगाया गया था। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया था।इससे पहले मार्च 2025 में वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के सामने स्थित नाइट बाजार में भी आग लगने से गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुए थे। उस घटना में कई दुकानों को नुकसान पहुंचा था।इन घटनाओं से बाजारों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं की अहमियत सामने आती है।
गैस सिलेंडर में आग लगे तो क्या करें?
गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में घबराकर उसके पास जाने या उसे खुद हटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में सबसे पहले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना आवश्यक है।यदि गैस रिसाव की आशंका हो, तो आसपास बिजली के स्विच या ऐसे उपकरण नहीं चलाने चाहिए जिनसे चिंगारी पैदा हो सकती है।आग लगने पर तुरंत अग्निशमन विभाग को 101 या आपातकालीन
सहायता नंबर 112 पर सूचना देनी चाहिए।आग बुझाने का प्रयास केवल प्रशिक्षित व्यक्तियों को ही उपयुक्त उपकरणों और सुरक्षित परिस्थितियों में करना चाहिए।
नुकसान और सुरक्षा व्यवस्था की जांच महत्वपूर्ण
शिवपुर रेलवे फाटक के पास हुई इस घटना के बाद कई महत्वपूर्ण सवाल सामने आए हैं।दुकान में कितने सिलेंडर रखे गए थे, आग किस कारण शुरू हुई और सिलेंडरों में विस्फोट कैसे हुए, इसकी स्पष्ट जानकारी मिलना जरूरी है।इसके साथ ही किसी व्यक्ति के घायल होने और संपत्ति को हुए नुकसान के संबंध में भी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।घटना की विस्तृत जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किसी तकनीकी कारण से लगी थी या सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी थी।
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