Bihar के इस जिले में 1 दर्जन पुलिस अफसर, कार्रवाई का नहीं दिख रहा है खौफ
Bihar के इस जिले में 1 दर्जन पुलिस अफसर
Darbhanga.दरभंगा। एसएसपी ने लापरवाही और कर्तव्यहीनता के आरोप में दरभंगा जिले के एक दर्जन से अधिक पुलिस पदाधिकारियों पर कार्रवाई की है। इसके बावजूद पुलिस पदाधिकारियों में कोई सुधार नहीं हो रहा है। रिश्वत लेने, आरोपियों की मदद करने, काम में लापरवाही बरतने, शराब कारोबारियों से मिलीभगत आदि की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इसके बावजूद पुलिस पदाधिकारियों में कार्रवाई का कोई डर नहीं है। एक सब इंस्पेक्टर तो विभाग को बेवकूफ बनाकर इंस्पेक्टर बन गया, जिसे विभाग ने जांच के बाद फिर से सब इंस्पेक्टर बना दिया, लेकिन इसके दूसरे दिन गुरुवार को इंस्पेक्टर से सब इंस्पेक्टर बने राज कुमार मंडल पर आरोपियों की मदद करने के आरोप में विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई। अब मामला बर्खास्तगी तक पहुंच गया है। इतना कुछ होने के बावजूद सुधार न होने के पीछे क्या कारण हो सकता है, यह समझना मुश्किल है। हालांकि पुलिस विभाग ने लगातार कार्रवाई कर यह दिखा दिया है कि गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे दोषी कोई भी हो। बता दें कि एक माह के अंदर आधा दर्जन पुलिस पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। बहेरी थाना के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार को अभियुक्त की मदद करने तथा वरीय पुलिस पदाधिकारी के आदेश को मानने से इंकार करने के आरोप में 2 मई को निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद 22 मई को बहेरी थाना प्रभारी वरुण कुमार गोस्वामी को अभियुक्त की मदद करने के आरोप में पदमुक्त कर दिया गया तथा बहेरी के तत्कालीन पुलिस अंचल निरीक्षक राज कुमार मंडल तथा बहेरी कांड संख्या 333/24 के अनुसंधानकर्ता सब इंस्पेक्टर धर्मदेव सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। पांच दिन पूर्व सिमरी थाना के सहायक सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार तिवारी को छह हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित किया गया था। इससे पहले 9 अप्रैल 2025 को यातायात थाना प्रभारी कुमार गौरव तथा सब इंस्पेक्टर शशिभूषण रजक को अभियुक्त चालक को छोड़ने तथा उसके स्थान पर किसी अन्य को न्यायालय से जमानत दिलाने में मदद करना महंगा पड़ गया था। वाहन चेकिंग के दौरान जब्त स्कूटी के गबन के मामले में 2 मार्च 2025 को लहेरियासराय थाने के सब इंस्पेक्टर ओम प्रकाश और महिला सिपाही रंभा कुमारी को निलंबित कर दिया गया। दोनों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। अपहरण की प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर मब्बी थानाध्यक्ष दीपक कुमार को पद से हाथ धोना पड़ा।
साथ ही निर्दोष को हिरासत में रखने और उसकी जमीन पर कब्जा करवाने के आरोप में विश्वविद्यालय थाने के सब इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष राकेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। 24 अक्टूबर 2024 को नगर थाने के प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर नीरज कुमार और सिपाही निशांत कुमार पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई। दोनों पर शराब कारोबारियों से तीन लाख रुपये मांगने का आरोप था। 13 नवंबर 2024 को फेकला थानाध्यक्ष पूजा कुमारी और सब इंस्पेक्टर पन्नालाल सिंह को निलंबित कर दिया गया। दोनों पर एक वारंटी को गिरफ्तार करने और रिश्वत लेकर थाने से छोड़ने का आरोप था।22 नवंबर 2024 को बाजितपुर थाने के दारोगा शशि भूषण रजक को निलंबित कर दिया गया। पीड़ित से रिश्वत मांगने का उनका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था। 2 अप्रैल 2024 को सकतपुर थाने के दारोगा कृष्णदेव यादव को शराब तस्करों से संबंध रखने की भारी कीमत चुकानी पड़ी।