समस्तीपुर : बिहार के समस्तीपुर जिले में खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के करीब 10,700 एकड़ खेतों में ड्रोन के माध्यम से फसलों पर छिड़काव किया जाएगा। इस योजना के तहत किसानों को ड्रोन से कीटनाशक और अन्य कृषि दवाओं के छिड़काव पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।

कृषि विभाग की इस पहल का उद्देश्य किसानों की लागत कम करना, समय की बचत करना और फसलों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से कम समय में बड़े क्षेत्र में समान मात्रा में छिड़काव किया जा सकेगा, जिससे खेती की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
आधुनिक तकनीक से आसान होगी खेती
परंपरागत तरीके से खेतों में दवा का छिड़काव करने में किसानों को काफी समय और मेहनत लगती है। साथ ही कई बार दवा का समान वितरण नहीं हो पाता, जिससे फसल को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।
ड्रोन तकनीक से खेतों में ऊंचाई से छिड़काव किया जाता है, जिससे दवा पूरे क्षेत्र में समान रूप से पहुंचती है। इससे किसानों का श्रम कम होगा और फसल प्रबंधन अधिक प्रभावी बनेगा।
किसानों को मिलेगा आर्थिक लाभ
कृषि विभाग की ओर से दी जाने वाली 50 प्रतिशत सब्सिडी से किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा। खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह सुविधा फायदेमंद साबित हो सकती है।
ड्रोन से छिड़काव के कारण मजदूरों पर निर्भरता कम होगी और किसान कम समय में अधिक क्षेत्र में फसलों की देखभाल कर सकेंगे।
किन फसलों को मिलेगा लाभ
समस्तीपुर जिले में धान, गेहूं, मक्का, दलहन और अन्य फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है। ड्रोन से छिड़काव की सुविधा मिलने से इन फसलों को कीट और रोगों से बचाने में मदद मिलेगी।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर कीटनाशक और पोषक तत्वों का छिड़काव फसल उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक को बढ़ावा
सरकार लगातार कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं इसी प्रयास का हिस्सा हैं। इससे खेती को अधिक आसान, सटीक और कम खर्चीला बनाने में मदद मिलेगी।
समस्तीपुर में शुरू होने वाली यह पहल किसानों को नई तकनीक से जोड़ने के साथ-साथ कृषि उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
किसानों से आवेदन और जानकारी लेने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित कृषि कार्यालयों से जानकारी प्राप्त करें। पात्र किसानों को नियमों के अनुसार ड्रोन छिड़काव सेवा और सब्सिडी का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

Tags: