मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले में शिक्षकों की आपसी खींचतान और मनमानी के कारण विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने के मामलों पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। हवेली खड़गपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय रामबिहारीपुर में शिक्षकों के विवाद के चलते 51 दिनों तक मध्याह्न भोजन (एमडीएम) बंद रहने के मामले में विभाग ने कार्रवाई करते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक भूपेंद्र कुमार दास और सहायक शिक्षक स्वदेश कुमार को निलंबित कर दिया है।
विभाग की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिक्षकों के विवाद का असर बच्चों पर पड़ा
जानकारी के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय रामबिहारीपुर में शिक्षकों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आपसी मतभेद और खींचतान का सीधा असर विद्यालय की व्यवस्था पर पड़ा।
सबसे गंभीर स्थिति तब सामने आई, जब विद्यालय में 51 दिनों तक मध्याह्न भोजन योजना का संचालन बंद रहा।
एमडीएम बंद होने से विद्यालय आने वाले बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य बच्चों को पोषण उपलब्ध कराना और विद्यालय में उनकी उपस्थिति बढ़ाना है, लेकिन शिक्षकों के विवाद के कारण यह व्यवस्था प्रभावित हो गई।
विभाग ने जांच के बाद की कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसकी जांच कराई।
जांच में विद्यालय की व्यवस्था प्रभावित होने और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आने के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक भूपेंद्र कुमार दास और सहायक शिक्षक स्वदेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की गई।
दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखना और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
धरहरा के मध्य विद्यालय में भी जांच जारी
वहीं, जिले के धरहरा प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय गोविंदपुर में छात्राओं से कथित अनुचित व्यवहार के आरोपों को लेकर भी शिक्षा विभाग गंभीर है।
इस मामले में विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक विद्यालय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं।
उनसे उम्मीद की जाती है कि वे बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ काम करें।
यदि किसी शिक्षक के विवाद या लापरवाही के कारण बच्चों की पढ़ाई, भोजन या अन्य सुविधाएं प्रभावित होती हैं तो ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालयों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश
शिक्षा विभाग ने जिले के सभी विद्यालयों की व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को कहा गया है कि वे नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करें और किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल समाधान करें।
विशेष रूप से मध्याह्न भोजन योजना, बच्चों की उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।
शिक्षकों की जिम्मेदारी तय होगी
विभाग का कहना है कि विद्यालयों में आपसी विवाद का असर विद्यार्थियों पर नहीं पड़ना चाहिए।
शिक्षकों के बीच किसी भी तरह की समस्या होने पर उसे विभागीय स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए, न कि उसका प्रभाव बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं पर पड़ने दिया जाए।
अभिभावकों में भी थी नाराजगी
रामबिहारीपुर विद्यालय में एमडीएम बंद रहने की स्थिति से अभिभावकों में भी नाराजगी थी।
उनका कहना था कि बच्चों के लिए मिलने वाली महत्वपूर्ण सुविधा लंबे समय तक बंद रहना गंभीर मामला है।
अभिभावकों ने मांग की थी कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि विद्यालयों में अनुशासनहीनता और लापरवाही के मामलों में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
विभाग का उद्देश्य है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा, पोषण और सुरक्षित वातावरण मिल सके।