Bihar:बिहार सरकार ने सरकारी परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना तैयार की है। इसके तहत जल संसाधन विभाग के 217 निरीक्षण भवनों को अब आधुनिक गेस्ट हाउस और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। खास बात यह है कि इनमें अब आम लोग भी किराया देकर ठहर सकेंगे।
अफसरों के लिए बने भवन अब जनता के लिए
अब तक इन निरीक्षण भवनों का उपयोग केवल मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारियों के ठहरने के लिए होता था। लेकिन साल के अधिकांश समय ये भवन खाली रहते थे। सरकार का मानना है कि इनका बेहतर उपयोग जरूरी है, इसलिए इन्हें आम जनता और पर्यटकों के लिए खोलने की योजना है।
PPP मॉडल पर होगा संचालन
इन भवनों का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत किया जाएगा। निजी एजेंसियां इन भवनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करेंगी और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके बदले पर्यटक निर्धारित शुल्क देकर यहां ठहर सकेंगे।
प्राकृतिक स्थलों के पास स्थित भवन
जल संसाधन विभाग के अधिकांश निरीक्षण भवन नदियों, बांधों और जलाशयों के पास स्थित हैं। इन स्थानों की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करेगी। कई जगहों पर जल विहार और अन्य पर्यटन गतिविधियों की भी संभावना है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस योजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। आसपास के छोटे व्यवसायों और बाजारों को भी इसका लाभ मिलेगा।
सरकार को अतिरिक्त राजस्व
नई व्यवस्था से सरकार को अतिरिक्त आय होगी और रखरखाव का खर्च भी कम होगा। फिलहाल इन भवनों पर हर साल लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च होते हैं।
30 साल की लीज पर देने की तैयारी
सरकार पहले चरण में इन भवनों को 30 साल की लीज पर PPP मॉडल के तहत देने की योजना बना रही है। इनमें से 58 भवन जर्जर हालत में हैं, जिन्हें नए सिरे से बनाया जाएगा।
नई व्यवस्था से बदलाव की उम्मीद
अगर यह योजना लागू होती है तो बिहार में सरकारी संपत्तियों के उपयोग का यह एक नया मॉडल साबित हो सकता है, जिससे जनता और सरकार दोनों को लाभ मिलेगा।