डीआरएम अमित सरन बने छात्रों के मददगार, समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे परीक्षार्थी
समस्तीपुर। जिले के शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह एक ऐसा मामला सामने आया, जहां रेलवे के एक अधिकारी की त्वरित पहल से करीब 40 छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिली। स्नातक की परीक्षा देने जा रहे परीक्षार्थियों की ट्रेन काफी देर तक लेट हो गई थी, जिससे उन्हें परीक्षा छूटने का डर सताने लगा था। इसी दौरान सोनपुर मंडल के रेल प्रबंधक (डीआरएम) अमित सरन की मौजूदगी ने छात्रों के लिए उम्मीद की किरण का काम किया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब सात बजे शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर लगभग 40 छात्र-छात्राएं दलसिंहसराय स्थित अपने परीक्षा केंद्र जाने के लिए 75246 डाउन पैसेंजर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। यह ट्रेन सुबह 7 बजकर 57 मिनट पर स्टेशन पहुंचने वाली थी, लेकिन निर्धारित समय के बाद भी ट्रेन नहीं आई। देखते ही देखते ट्रेन करीब 1 घंटा 24 मिनट लेट हो गई।
परीक्षार्थियों की परीक्षा का समय नजदीक आ रहा था और ट्रेन की देरी के कारण सभी छात्र-छात्राओं की चिंता बढ़ने लगी। उन्हें डर था कि यदि ट्रेन और देर से पहुंची तो वे समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाएंगे और उनका सालभर का मेहनत प्रभावित हो सकता है। परेशान छात्रों ने रेलवे अधिकारियों से मदद की उम्मीद लगाई।
इसी बीच सोनपुर मंडल रेल प्रबंधक अमित सरन का स्पेशल इंस्पेक्शन कोच शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पहुंचा। डीआरएम स्टेशन परिसर का निरीक्षण करने के लिए वहां रुके थे। निरीक्षण के दौरान जब छात्रों को पता चला कि डीआरएम स्टेशन पर मौजूद हैं तो उन्होंने तुरंत उनसे मुलाकात कर अपनी समस्या बताई।
छात्रों ने डीआरएम अमित सरन को बताया कि वे स्नातक की परीक्षा देने के लिए दलसिंहसराय जा रहे हैं, लेकिन पैसेंजर ट्रेन के काफी देर से आने के कारण उन्हें परीक्षा छूटने का डर है। उन्होंने डीआरएम से समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए सहायता की गुहार लगाई।
छात्रों की परेशानी सुनने के बाद डीआरएम ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन की स्थिति की जानकारी ली और छात्रों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की। डीआरएम की पहल के बाद परीक्षार्थियों में राहत की भावना दिखाई दी।
रेलवे अधिकारियों की सक्रियता के कारण छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में मदद मिली। छात्रों ने डीआरएम अमित सरन का आभार जताया और कहा कि यदि समय रहते मदद नहीं मिलती तो कई परीक्षार्थियों को परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता था।
इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि रेलवे अधिकारी केवल परिचालन व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यात्रियों और आम लोगों की समस्याओं को भी प्राथमिकता देते हैं। डीआरएम की संवेदनशीलता और तुरंत निर्णय लेने की क्षमता की छात्रों और स्थानीय लोगों ने सराहना की।
परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा का दिन बेहद महत्वपूर्ण होता है। ट्रेन की देरी जैसी स्थिति में उनकी चिंता स्वाभाविक थी, लेकिन समय पर मिली मदद से उनकी मेहनत पर पानी नहीं फिरा। छात्रों ने राहत की सांस ली और परीक्षा में शामिल हो सके।
रेलवे प्रशासन की ओर से भी लगातार यात्रियों की सुविधा और समयबद्ध संचालन को लेकर प्रयास किए जाते हैं। इस घटना में डीआरएम की पहल ने रेलवे और यात्रियों के बीच विश्वास को और मजबूत किया है।