मुंगेर। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अब मुंगेर जिले में भी ई-वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जा रहा है। महानगरों और बड़े शहरों की तर्ज पर जिले में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

परिवहन विभाग जिले में कुल 10 अत्याधुनिक सार्वजनिक ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए पहले चरण में छह प्रमुख स्थानों का चयन कर लिया गया है, जबकि चार अन्य स्थानों को चिन्हित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सितंबर महीने से आम लोगों को सार्वजनिक चार्जिंग सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे जिले में इलेक्ट्रिक वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

वर्तमान समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों तथा पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए लोग ई-वाहनों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन चार्जिंग स्टेशन की कमी के कारण कई लोग इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से पहले कई बार सोचते हैं।

इसी समस्या को दूर करने के लिए परिवहन विभाग जिले में चार्जिंग नेटवर्क तैयार करने की दिशा में कदम उठा रहा है। सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनने के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में ई-वाहन चालकों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान सुविधा मिलेगी।

परिवहन विभाग द्वारा चयनित प्रमुख स्थलों में मुंगेर शहर का एक नंबर ट्रैफिक क्षेत्र, ऐतिहासिक किला परिसर स्थित आंबेडकर चौक, सरकारी बस डिपो और तेलिया तालाब शामिल हैं। इन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है, इसलिए इन्हें चार्जिंग स्टेशन के लिए उपयुक्त माना गया है।

इसके अलावा ग्रामीण और प्रखंड स्तर पर भी चार्जिंग सुविधा पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत संग्रामपुर बस डिपो, हवेली खड़गपुर बस डिपो और तारापुर बस डिपो का चयन किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां लोगों की पहुंच आसान हो और वाहन चालकों को सुविधा मिल सके।

नई व्यवस्था शुरू होने के बाद इलेक्ट्रिक ऑटो, ई-रिक्शा, दोपहिया और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों के मालिकों को काफी फायदा होगा। उन्हें अपने वाहनों को चार्ज करने के लिए निजी व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें भी लगातार कई योजनाएं चला रही हैं। इसका उद्देश्य प्रदूषण कम करना और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाना है।

मुंगेर जैसे जिलों में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनने से न केवल आम लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे भविष्य में जिले में ई-वाहनों की संख्या बढ़ सकती है।

परिवहन विभाग का लक्ष्य है कि जिले के प्रमुख हिस्सों को चार्जिंग नेटवर्क से जोड़ा जाए। इसके लिए अन्य संभावित स्थानों की पहचान भी की जा रही है। चार और जगहों का चयन पूरा होने के बाद जिले में कुल 10 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हो जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की सफलता के लिए मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे जरूरी है। यदि लोगों को आसानी से चार्जिंग सुविधा मिलने लगे तो ई-वाहनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ सकता है।

मुंगेर में शुरू होने वाली यह पहल जिले को आधुनिक परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को सस्ती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प भी मिलेगा।

फिलहाल परिवहन विभाग चार्जिंग स्टेशन स्थापना की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में जुटा है। उम्मीद है कि सितंबर से जिले के लोगों को इस नई सुविधा का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

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