तारापुर : दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए शनिवार को अनुमंडल सभागार में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीओ महेश कुमार ने की। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों, पूजा समितियों के प्रतिनिधियों और शांति समिति के सदस्यों ने पूजा के दौरान सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर चर्चा की।

बैठक में पिछले वर्ष दुर्गापूजा के दौरान की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। पिछले अनुभवों के आधार पर इस बार किन स्थानों पर अतिरिक्त इंतजाम करने की आवश्यकता है, इस पर पूजा समितियों से सुझाव लिए गए। प्रशासन ने सभी समितियों से आपसी समन्वय बनाए रखते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा।

33 स्थानों पर स्थापित होंगी प्रतिमाएं

बैठक में बताया गया कि अनुमंडल क्षेत्र में इस वर्ष 33 स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी हैं।

पूजा समितियों से उनके पंडालों की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के आने-जाने के रास्ते और भीड़ प्रबंधन से संबंधित जानकारी ली गई। प्रशासन ने कहा कि पूजा के दौरान किसी भी स्थान पर अव्यवस्था न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर पूजा समितियों और प्रशासन के बीच लगातार संपर्क जरूरी है।

विशेष रूप से अधिक भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

तिलड़िहा में भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस

दुर्गापूजा के दौरान तिलड़िहा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए यहां भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया गया। बैठक में तिलड़िहा की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रखने के लिए प्रवेश और निकास व्यवस्था को व्यवस्थित करने की आवश्यकता बताई गई। भीड़ अधिक होने की स्थिति में वाहनों और पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही अलग-अलग रखने जैसे उपायों पर भी विचार किया गया।

प्रशासन ने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए व्यवस्था तैयार की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और किसी तरह की भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।

पैदल श्रद्धालुओं के लिए रास्ते की मांग

पूजा समिति के प्रतिनिधियों ने बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कई सुझाव प्रशासन के सामने रखे। समितियों ने मांग की कि पैदल आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त और सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराया जाए।

प्रतिनिधियों ने कहा कि पूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोग पैदल मंदिर और पूजा स्थलों तक पहुंचते हैं। ऐसे में यदि पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं होगी तो वाहनों और श्रद्धालुओं के एक साथ गुजरने से परेशानी हो सकती है।

पूजा समितियों ने पैदल आवागमन की व्यवस्था को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया। प्रशासन ने इस सुझाव पर संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर आवश्यक व्यवस्था पर विचार करने की बात कही।

सड़क किनारे मिट्टी भराने की उठी मांग

बैठक में सड़क किनारे मिट्टी भराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। पूजा समितियों के प्रतिनिधियों का कहना था कि कुछ स्थानों पर सड़क के किनारे की स्थिति ऐसी है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने-जाने के दौरान परेशानी हो सकती है।

विशेष रूप से रात के समय और अधिक भीड़ होने की स्थिति में सड़क के किनारे पर्याप्त जगह नहीं होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए समितियों ने जरूरी स्थानों पर मिट्टी भराकर सड़क किनारे की जगह को व्यवस्थित करने की मांग की।

प्रशासन ने पूजा समितियों से ऐसे स्थानों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा, जहां तत्काल सुधार की आवश्यकता है।

पिछले साल की व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा

एसडीओ महेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में पिछले वर्ष दुर्गापूजा के दौरान सामने आई समस्याओं और की गई व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने पूजा समितियों से पूछा कि पिछली बार किन स्थानों पर परेशानी हुई थी और इस बार उनमें क्या सुधार किया जा सकता है।

इस दौरान यातायात व्यवस्था, श्रद्धालुओं की आवाजाही, पूजा पंडालों के आसपास भीड़ और प्रतिमा विसर्जन से संबंधित व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक का उद्देश्य त्योहार शुरू होने से पहले संभावित समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान करना रहा, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी न हो।

यातायात व्यवस्था पर भी रहेगा ध्यान

दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडालों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर भी तैयारी करने की बात कही।

भीड़ वाले इलाकों में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और आवश्यकतानुसार पार्किंग की व्यवस्था करने पर चर्चा हुई। पूजा समितियों से भी कहा गया कि वे अपने स्तर पर स्वयंसेवकों को तैनात कर श्रद्धालुओं को निर्धारित रास्तों से आने-जाने में सहयोग करें।

विशेष परिस्थितियों में यातायात व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग मिलकर निर्णय लेंगे।

पूजा समितियों से सहयोग की अपील

एसडीओ ने पूजा समितियों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोग पूजा पंडालों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं, इसलिए व्यवस्था बनाए रखने में समितियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।

समितियों से पंडालों के आसपास पर्याप्त रोशनी, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था और श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए रास्ता खुला रखने पर ध्यान देने को कहा गया। भीड़ की स्थिति में स्वयंसेवकों की मदद लेने का सुझाव भी दिया गया।

किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की बात कही गई, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

सुरक्षा और सुविधाओं के बीच समन्वय पर जोर

बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ उनकी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा। जिन स्थानों पर अधिक भीड़ जुटती है, वहां व्यवस्थाओं की पहले से समीक्षा की जाएगी।

तिलड़िहा में भीड़ प्रबंधन को इस बार विशेष प्राथमिकता दी गई है। पूजा समितियों द्वारा पैदल रास्ते और सड़क किनारे मिट्टी भराने की मांग को भी बैठक में दर्ज किया गया।

कुल मिलाकर शांति समिति की बैठक में प्रशासन और पूजा समितियों के बीच दुर्गापूजा की तैयारियों को लेकर विस्तार से संवाद हुआ। अनुमंडल क्षेत्र में 33 स्थानों पर प्रतिमा स्थापना को देखते हुए प्रशासन ने समय रहते व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में पूजा-अर्चना कर सकें।

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