मुजफ्फरपुर। मानसून के कमजोर पड़ने के कारण बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में बारिश की रफ्तार धीमी हो गई है। सावन के महीने में जहां लोगों को लगातार बारिश और ठंडक का इंतजार रहता है, वहीं इस बार मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। शनिवार को सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। आसमान में बादल तो दिखाई दिए, लेकिन इसके साथ तेज धूप भी बनी रही, जिससे लोगों को सावन में जेठ जैसी गर्मी का एहसास हुआ।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर बिहार के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि, मानसून की सक्रियता कमजोर रहने के कारण सभी क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद कम है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 15 से 18 अगस्त के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में एक-दो दिनों के दौरान अच्छी बारिश हो सकती है। इस दौरान बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। लोगों को मौसम खराब होने पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पांच दिनों के मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, इस अवधि में अधिकतम तापमान 33 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वहीं न्यूनतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण दिन के समय गर्मी और उमस का असर बना रहेगा।

जिले में अगस्त महीने के दौरान बारिश का रुख कमजोर बना हुआ है। जिला कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 अगस्त से 14 अगस्त तक मुजफ्फरपुर जिले में औसतन 101.43 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 132.19 मिलीमीटर माना जाता है। यानी जिले में सामान्य से कम बारिश हुई है।

कम बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। धान की फसल के लिए सावन और भादो महीने की बारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। हालांकि, कृषि विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसानों को जरूरत के अनुसार सिंचाई करने की सलाह दी जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में किसान मानसून की सक्रियता का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश होने से धान समेत खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा। वहीं, बारिश में कमी रहने से खेतों में नमी बनाए रखने की चुनौती बढ़ सकती है।

शहरी क्षेत्रों में भी उमस और गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। सुबह के समय बादल छाने के बाद लोगों को बारिश की उम्मीद थी, लेकिन तेज धूप निकलने से गर्मी बढ़ गई। दिनभर गर्म हवा और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की स्थिति में कभी भी बदलाव आ सकता है। बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बनने वाले मौसमी सिस्टम के आधार पर बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान बारिश का असमान वितरण सामान्य घटना है। कई बार कुछ क्षेत्रों में अधिक बारिश होती है, जबकि कुछ इलाके कम बारिश से प्रभावित रहते हैं। ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

फिलहाल मुजफ्फरपुर में लोगों को गर्मी और उमस से राहत के लिए अच्छी बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। यदि बारिश की गतिविधियां बढ़ती हैं तो तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

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