जमुई छेड़खानी कांड: दो दिन कमरे में बंद रखने का आरोप छात्र ने सुनाई दर्दभरी कहानी
दो दिन कमरे में कैद रहा छात्र आपबीती सुनाते कांप उठा
जमुई: बिहार के जमुई में छेड़खानी से जुड़े एक मामले के बाद एक छात्र और उसका परिवार दहशत में है। घटना से छात्र इस कदर सहम गया कि वह दो दिनों तक कमरे में बंद रहा। घटना के बाद से छात्र काफी डरा हुआ है और सामान्य स्थिति में लौटने में उसे समय लग रहा है। अपनी आपबीती बताते समय भी वह सहमा नजर आया। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना ने छात्र को मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया है। वह लगातार घटना के बारे में सोच रहा था और किसी से मिलने या बाहर निकलने से बचता रहा। परिवार के सदस्यों ने उसे समझाने और हिम्मत देने की कोशिश की, लेकिन डर के कारण उसने खुद को कमरे तक सीमित कर लिया।
दो दिन तक छात्र के कमरे में बंद रहने से परिजन भी परेशान रहे। परिवार ने बताया कि पहले छात्र सामान्य तरीके से अपनी दिनचर्या पूरी करता था, लेकिन घटना के बाद उसके व्यवहार में अचानक बदलाव आ गया। परिवार के लोग लगातार उसके साथ रहे और उसे भरोसा दिलाने का प्रयास करते रहे। छात्र ने जब अपने साथ हुई घटना के बारे में परिवार को बताया तो परिजन भी परेशान हो गए। पीड़ित परिवार का कहना है कि पूरे घटनाक्रम का असर केवल छात्र पर ही नहीं बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों पर भी पड़ा है। वे छात्र की सुरक्षा और उसकी मानसिक स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
मामला छेड़खानी से जुड़ा होने के कारण स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना के बाद छात्र के साथ क्या हुआ और किन परिस्थितियों के कारण वह इतना डर गया, इन सवालों को लेकर परिवार ने अपनी पीड़ा सामने रखी है। छात्र की आपबीती सुनने के बाद परिवार अब मामले में उचित कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है। परिजनों के मुताबिक, छात्र को सबसे ज्यादा जरूरत इस समय सुरक्षित माहौल और परिवार के सहयोग की है। घटना के बाद पैदा हुए डर को दूर करने के लिए परिवार लगातार उसके साथ समय बिता रहा है। उसे सामान्य दिनचर्या में वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है।
ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान और निजता की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। विशेष रूप से किसी छात्र या नाबालिग से जुड़ा मामला होने पर उसकी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है। घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि और जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पीड़ित परिवार ने अपनी परेशानी और छात्र की स्थिति सामने रखी है। दो दिनों तक कमरे में बंद रहने के बाद छात्र ने जब अपनी आपबीती बताई तो वह घटना को याद कर सहम गया। परिवार का कहना है कि वे छात्र के साथ खड़े हैं और मामले में उचित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।