पटना: बिहार से लापता हुई दो स्कूली छात्राओं से जुड़ा मामला चर्चा में आ गया है। दावा किया जा रहा है कि दोनों हरियाणा पहुंचीं और वहां उन्होंने आपस में शादी कर ली। इसके बाद दोनों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद परिवार और संबंधित अधिकारियों तक भी इसकी जानकारी पहुंची है।
दोनों छात्राएं स्कूल जाने के बाद लापता हो गई थीं। जब वे निर्धारित समय पर घर नहीं लौटीं तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार ने उनकी तलाश शुरू की और परिचितों से भी जानकारी जुटाई, लेकिन दोनों का पता नहीं चल सका। इसके बाद उनके लापता होने की सूचना संबंधित पुलिस को दी गई। मामला दर्ज होने के बाद छात्राओं की तलाश शुरू की गई। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें दोनों साथ दिखाई दीं। दावा किया गया कि दोनों बिहार से निकलकर हरियाणा पहुंच गईं और वहां उन्होंने एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला करते हुए शादी की रस्में पूरी कीं।
वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। दोनों ने कथित तौर पर अपनी इच्छा से साथ रहने की बात कही है। हालांकि उनकी उम्र, विवाह की कानूनी स्थिति और लापता होने की परिस्थितियों से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है। अगर दोनों में से कोई नाबालिग है तो मामला अलग कानूनी प्रावधानों के तहत देखा जाएगा। भारत में विवाह के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानून लागू होते हैं। वहीं वयस्क व्यक्तियों के आपसी सहमति से साथ रहने और समलैंगिक विवाह को कानूनी विवाह का दर्जा मिलने के प्रश्न अलग-अलग कानूनी विषय हैं।
भारत में सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सहमति से बने वयस्क समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था। हालांकि समलैंगिक विवाह को वर्तमान भारतीय कानून में सामान्य विवाह की तरह कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं है। इसलिए वायरल वीडियो में शादी की रस्में निभाने का दावा अपने आप में कानूनी विवाह स्थापित नहीं करता। पुलिस के लिए फिलहाल महत्वपूर्ण पहलू दोनों छात्राओं को सुरक्षित तलाश करना और उनके बयान दर्ज करना होगा। इसके बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि वे किन परिस्थितियों में घर से निकलीं, हरियाणा कैसे पहुंचीं और उनके साथ किसी तरह का दबाव या अपराध तो नहीं हुआ।
मामले में सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे सामने आ सकते हैं, लेकिन छात्राओं की उम्र और आधिकारिक बयानों की पुष्टि के बिना निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। यदि वे नाबालिग हैं तो उनकी पहचान और निजी जानकारी सार्वजनिक करने से भी बचना जरूरी है। फिलहाल वायरल वीडियो के कारण मामला चर्चा में है। छात्राओं के बयान और जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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