दरभंगा। भूतलक्षी प्रोन्नति के मुद्दे को लेकर दरभंगा में प्रभावित स्नातक कला शिक्षक एकजुट हो गए हैं। टीचर्स क्लब के बैनर तले बड़ी संख्या में जुटे शिक्षकों ने न्यायोचित प्रोन्नति की मांग करते हुए पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। शिक्षकों ने इस मामले में विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट करने के साथ डीडीसी स्तर से निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया।

विपरीत मौसम के बावजूद जिले के अलग-अलग और दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिक्षक कार्यक्रम में पहुंचे। टीचर्स क्लब की ओर से आयोजित शिक्षक संकल्प एवं प्रतिज्ञा-वचन कार्यक्रम में शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुट रहने का संकल्प लिया। इस दौरान भूतलक्षी प्रोन्नति से प्रभावित शिक्षकों ने प्रक्रिया से संबंधित अपनी समस्याएं और सवाल सामने रखे।

कार्यक्रम का नेतृत्व टीचर्स क्लब के संयोजक सतीश चन्द्र प्रसाद ने किया। उनके नेतृत्व में शिक्षकों ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखा और भूतलक्षी प्रोन्नति से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जानकारी मांगी। शिक्षकों का कहना था कि प्रोन्नति जैसे महत्वपूर्ण मामले में किसी भी तरह की अस्पष्टता नहीं रहनी चाहिए और सभी पात्र शिक्षकों के मामलों का निष्पक्ष तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए।

शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने स्थापना डीपीओ से भी मुलाकात की। इस दौरान अधिकारियों से भूतलक्षी प्रोन्नति की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई। शिक्षकों ने पूछा कि प्रक्रिया किस आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और प्रभावित शिक्षकों के मामलों का समाधान किस तरह किया जाएगा।

बैठक और कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विशेष रूप से पारदर्शिता का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि प्रोन्नति से जुड़े प्रत्येक चरण की जानकारी संबंधित शिक्षकों को उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे किसी तरह का भ्रम या असंतोष पैदा न हो।

शिक्षकों ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीडीसी स्तर से कार्रवाई कराने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि उच्च स्तर से मामले की जांच होने पर पूरी प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसके साथ ही जिन शिक्षकों को लगता है कि उनके साथ प्रोन्नति की प्रक्रिया में न्याय नहीं हुआ है, उनकी शिकायतों का भी समाधान हो सकेगा।

टीचर्स क्लब के संयोजक सतीश चन्द्र प्रसाद ने कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों से अपनी मांगों को लेकर संगठित रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांग न्यायोचित प्रोन्नति और पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने से जुड़ी है।

कार्यक्रम में पहुंचे शिक्षकों ने भी एक स्वर में अपनी मांगों को रखा। उन्होंने कहा कि भूतलक्षी प्रोन्नति का मामला लंबे समय से उनके लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। इससे प्रभावित स्नातक कला शिक्षकों को उम्मीद है कि विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।

शिक्षकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के कारण कार्यक्रम चर्चा में रहा। खराब मौसम के बावजूद अलग-अलग क्षेत्रों से शिक्षकों का पहुंचना इस मुद्दे को लेकर उनकी सक्रियता को दर्शाता है। शिक्षकों ने संकल्प लिया कि वे न्यायोचित समाधान होने तक अपनी मांग को उचित माध्यमों से उठाते रहेंगे।

शिक्षक संकल्प एवं प्रतिज्ञा-वचन कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित शिक्षकों ने एकजुटता बनाए रखने की बात कही। इस दौरान किसी एक शिक्षक के बजाय सभी प्रभावित शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की मांग की गई।

भूतलक्षी प्रोन्नति की प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों ने कई सवाल भी उठाए। उनका मुख्य जोर इस बात पर रहा कि पात्रता और नियमों के आधार पर ही प्रोन्नति की प्रक्रिया पूरी हो। किसी भी पात्र शिक्षक के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और यदि प्रक्रिया में किसी तरह की त्रुटि हुई है तो उसकी जांच कर सुधार किया जाए।

स्थापना डीपीओ से मुलाकात के दौरान शिक्षकों ने विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली। इसके बाद शिक्षकों ने मांग की कि मामले में जो भी प्रक्रिया अपनाई जाए, उसकी जानकारी प्रभावित शिक्षकों को दी जाए।

टीचर्स क्लब की ओर से कहा गया कि भूतलक्षी प्रोन्नति से प्रभावित स्नातक कला शिक्षकों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों से संवाद जारी रखने पर भी जोर दिया गया।

शिक्षकों ने कहा कि प्रोन्नति केवल पद से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि इससे शिक्षकों की सेवा अवधि और विभागीय अधिकार भी जुड़े होते हैं। इसलिए इससे संबंधित किसी भी निर्णय में नियमों और पात्रता का पूरी तरह पालन किया जाना जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों ने अपनी समस्याओं और अनुभवों को भी साझा किया। अलग-अलग क्षेत्रों से आए शिक्षकों ने प्रोन्नति प्रक्रिया से संबंधित अपनी स्थिति बताई। इसके बाद सभी ने सामूहिक रूप से मांग की कि विभाग पूरे मामले की समीक्षा करे।

शिक्षकों का कहना था कि यदि भूतलक्षी प्रोन्नति की प्रक्रिया में किसी स्तर पर कोई विसंगति सामने आती है तो उसे समय रहते दूर किया जाना चाहिए। इससे आगे किसी तरह के विवाद की स्थिति से बचा जा सकता है और पात्र शिक्षकों को उनका अधिकार मिल सकता है।

टीचर्स क्लब ने मामले में डीडीसी स्तर से निष्पक्ष जांच की मांग को प्रमुखता से उठाया। शिक्षकों का मानना है कि जांच के जरिए पूरी प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और उसके आधार पर आगे निर्णय लिया जा सकेगा।

कार्यक्रम में शिक्षकों ने अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से उठाने का संकल्प भी लिया। उनका कहना था कि वे विभागीय प्रक्रिया का सम्मान करते हुए अपनी बात संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।

भूतलक्षी प्रोन्नति को लेकर शिक्षकों की इस एकजुटता के बाद अब विभागीय स्तर पर आगे होने वाली कार्रवाई पर उनकी नजर है। शिक्षकों को उम्मीद है कि उनकी मांगों और सवालों को गंभीरता से लिया जाएगा।

टीचर्स क्लब के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों ने यह स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिक मांग पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता है। इसके साथ ही प्रभावित स्नातक कला शिक्षकों को नियमों के अनुसार न्यायोचित प्रोन्नति देने की मांग की गई।

स्थापना डीपीओ से प्रक्रिया की जानकारी लेने के बाद शिक्षकों ने मामले को डीडीसी स्तर तक ले जाने पर जोर दिया। उनका कहना है कि उच्च स्तर से निष्पक्ष जांच होने पर प्रोन्नति से जुड़े सवालों और शिकायतों का समाधान संभव हो सकेगा।

विपरीत मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षकों की मौजूदगी के बीच आयोजित संकल्प एवं प्रतिज्ञा-वचन कार्यक्रम में सभी ने अपनी मांग को लेकर एकजुट रहने की बात दोहराई। अब शिक्षकों को विभाग की अगली कार्रवाई का इंतजार है।

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