कोढ़ा गिरोह पर बड़ा एक्शन 8 गिरफ्तार 100 से ज्यादा वारदातें कबूलीं
8 शातिर चढ़े पुलिस के हत्थे
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में पुलिस को अंतरराज्यीय कोढ़ा गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े आठ शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए आरोपियों की पूछताछ और जांच में देश के अलग-अलग हिस्सों में 100 से अधिक आपराधिक वारदातों में उनकी संलिप्तता सामने आई है। गिरोह के सदस्य खास तौर पर बैंक से रुपये निकालकर बाहर निकलने वाले लोगों को निशाना बनाते थे। गिरोह के खिलाफ कार्रवाई के बाद पुलिस अब इसके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। पकड़े गए आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनके संपर्क में और कितने लोग थे।
बैंक से पैसे निकालने वालों पर रखते थे नजर
पुलिस जांच में सामने आया है कि कोढ़ा गिरोह के सदस्य बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। गिरोह के कुछ सदस्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों के आसपास सक्रिय रहते और बड़ी रकम निकालकर बाहर आने वाले लोगों पर नजर रखते थे। निशाना तय होने के बाद उसका पीछा किया जाता था। मौका मिलते ही रुपये से भरा बैग या अन्य कीमती सामान लेकर आरोपी फरार हो जाते थे। वारदात के बाद गिरोह के सदस्य तेजी से स्थान बदल देते थे, जिससे उन्हें पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बन जाता था।
आठ आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे
हजारीबाग पुलिस ने गिरोह की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद विशेष कार्रवाई की। जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आठ आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
100 से ज्यादा वारदातों से जुड़े तार
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पकड़े गए आरोपियों की संलिप्तता 100 से अधिक आपराधिक मामलों में होने का दावा किया गया है। इन मामलों में चोरी, छिनतई और बैंक ग्राहकों को निशाना बनाकर नकदी उड़ाने जैसी घटनाएं शामिल बताई जा रही हैं। गिरोह एक स्थान पर लगातार वारदात करने के बजाय अलग-अलग शहरों और राज्यों में घूमकर घटनाओं को अंजाम देता था। यही वजह थी कि अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों को आपस में जोड़ना आसान नहीं होता था।
अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था नेटवर्क
कोढ़ा गिरोह का नेटवर्क केवल हजारीबाग तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। पुलिस की जांच में इसके अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होने की बात सामने आई है। एक राज्य में वारदात करने के बाद आरोपी दूसरे इलाके में चले जाते थे। कुछ समय बाद किसी नए शहर में घटना को अंजाम दिया जाता था। इससे स्थानीय पुलिस के लिए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी मुश्किल हो जाती थी। अब हजारीबाग पुलिस दूसरे राज्यों और जिलों की पुलिस से भी संपर्क कर आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है।
वारदात से पहले करते थे रेकी
गिरोह के काम करने का तरीका भी काफी संगठित बताया जा रहा है। वारदात से पहले बैंक और उसके आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। इसके बाद ऐसा व्यक्ति चुना जाता था जिसके पास नकदी होने की संभावना ज्यादा हो। गिरोह के सदस्य आपस में संपर्क बनाए रखते और सही मौका मिलने पर वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि स्थानीय स्तर पर किसी व्यक्ति से गिरोह को मदद मिलती थी या नहीं।
बाइक का करते थे इस्तेमाल
छिनतई और चोरी जैसी घटनाओं में तेजी से भागने के लिए गिरोह के सदस्य मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते थे। बाइक पर सवार आरोपी वारदात के बाद कुछ ही मिनटों में घटनास्थल से दूर निकल जाते थे। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े वाहनों और उनके इस्तेमाल की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ उन रास्तों को भी चिह्नित किया जा रहा है जिनका इस्तेमाल आरोपी घटनाओं के बाद फरार होने के लिए करते थे।
तकनीकी जांच से पुलिस को मिली मदद
अपराधियों तक पहुंचने में तकनीकी जांच भी महत्वपूर्ण साबित हुई। अलग-अलग घटनाओं से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल गतिविधियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई। पुलिस ने कई घटनाओं के पैटर्न को आपस में जोड़कर गिरोह तक पहुंचने की कोशिश की। जांच आगे बढ़ने के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुराने मामलों की फाइलें भी खंगाली जा रहीं
गिरोह के आठ सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस पुराने अनसुलझे मामलों की फाइलें भी खंगाल रही है। खास तौर पर उन घटनाओं को देखा जा रहा है जिनमें बैंक से रुपये निकालने के बाद लोगों से नकदी छीनी गई थी। पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कई पुराने मामलों का खुलासा हो सकता है। दूसरे राज्यों की पुलिस से आरोपियों के आपराधिक इतिहास और लंबित मामलों का विवरण भी मांगा जा सकता है।
बैंक ग्राहकों को सतर्क रहने की जरूरत
कोढ़ा गिरोह के काम करने के तरीके को देखते हुए बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बैंक से बाहर निकलने के बाद यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति लगातार पीछा करता दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना देना बेहतर है। बड़ी रकम लेकर अकेले लंबी दूरी तय करने से बचना और वाहन में नकदी का बैग खुला छोड़कर नहीं जाना भी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश
आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस की जांच खत्म नहीं हुई है। अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। आरोपियों के संपर्क, ठिकाने और पुराने मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। 100 से अधिक वारदातों में संलिप्तता के दावे के कारण यह मामला काफी बड़ा माना जा रहा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद यह साफ होगा कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में कुल कितने मामले दर्ज हैं और गिरोह के नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे। फिलहाल आठ सदस्यों की गिरफ्तारी को हजारीबाग पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस कार्रवाई से पुराने चोरी और छिनतई के कई मामलों की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है।