पेंशनधारियों के लिए बड़ा अलर्ट सत्यापन नहीं कराया तो रुकेगी पेंशन
बिहार में 17 लाख पेंशनधारियों पर संकट
पटना: बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ लेने वाले लाखों पेंशनधारियों के लिए जीवन प्रमाणीकरण कराना जरूरी हो गया है। राज्य में 17 लाख से अधिक पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण अभी लंबित बताया जा रहा है। ऐसे लाभार्थियों को 30 सितंबर तक सत्यापन कराने का मौका दिया गया है। निर्धारित समय तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराने वाले लाभार्थियों की पेंशन का भुगतान प्रभावित हो सकता है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत वृद्धजन, विधवा और दिव्यांग समेत विभिन्न पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता दी जाती है। पेंशन का लाभ सही और पात्र व्यक्ति तक पहुंचता रहे, इसके लिए समय-समय पर लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण कराया जाता है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि संबंधित लाभार्थी जीवित है और योजना का लाभ लेने के लिए पात्र है। जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में पेंशनधारियों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। ऐसे में संबंधित विभाग की ओर से लाभार्थियों को निर्धारित समय के भीतर सत्यापन कराने के लिए कहा जा रहा है। 30 सितंबर की समय सीमा को देखते हुए जिलों में लंबित मामलों को पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है।
जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने की स्थिति में पेंशन भुगतान रोकने की कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए लाभार्थियों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द प्रमाणीकरण कराने की सलाह दी जा रही है। खासकर बुजुर्ग और दिव्यांग लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर भी सत्यापन की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। जीवन प्रमाणीकरण का मुख्य उद्देश्य पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना और अपात्र या मृत लाभार्थियों के नाम पर भुगतान होने से रोकना है। सत्यापन के बाद लाभार्थी का रिकॉर्ड अपडेट हो जाता है और नियमित पेंशन भुगतान जारी रखने में आसानी होती है।
राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर बड़ी संख्या में बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग लाभार्थी निर्भर हैं। ऐसे में प्रमाणीकरण लंबित रहने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लाभार्थियों और उनके परिजनों को अपने क्षेत्र में उपलब्ध अधिकृत माध्यम से जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया है। जिन पेंशनधारियों का सत्यापन पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया कराने से पहले अपने रिकॉर्ड की स्थिति जांच लेनी चाहिए। वहीं जिनका जीवन प्रमाणीकरण लंबित है, उनके लिए 30 सितंबर तक इसे पूरा कराना बेहद जरूरी है। समय सीमा के बाद सत्यापन नहीं होने पर पेंशन का भुगतान रुक सकता है और इसे दोबारा शुरू कराने के लिए अतिरिक्त प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है।