जमुई। अवैध शराब की तस्करी करने वाले लोग पुलिस और उत्पाद विभाग की नजरों से बचने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी सेना, पुलिस, प्रशासन या प्रेस लिखे वाहनों का इस्तेमाल कर शराब पहुंचाने की कोशिश की जाती है, तो अब एंबुलेंस को भी तस्करी का जरिया बनाया जाने लगा है।

बिहार के जमुई जिले में उत्पाद विभाग की टीम ने ऐसी ही एक तस्करी का खुलासा किया है। टीम ने गिद्धौर प्रखंड के बानाडीह के समीप से एक निजी एंबुलेंस को जब्त किया है, जिसमें छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में बीयर बरामद की गई।

एंबुलेंस के बेड के नीचे छिपाई गई थी बीयर

जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि एक निजी एंबुलेंस के जरिए अवैध शराब की खेप ले जाई जा रही है।

सूचना के आधार पर टीम ने रविवार सुबह गिद्धौर प्रखंड के बानाडीह के पास जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक संदिग्ध निजी एंबुलेंस को रोका गया।

तलाशी लेने पर एंबुलेंस में बने मरीज के बेड के नीचे एक विशेष बॉक्स मिला। जब बॉक्स को खोला गया तो उसमें बड़ी मात्रा में बीयर केन छिपाकर रखे गए थे।

460 केन बीयर बरामद

उत्पाद विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एंबुलेंस से कुल 460 केन बीयर बरामद किए गए हैं।

बरामद बीयर की कुल मात्रा करीब 230 लीटर बताई जा रही है।

एंबुलेंस का इस्तेमाल शराब छिपाकर ले जाने के लिए किया जा रहा था, ताकि जांच के दौरान किसी को शक न हो।

दो तस्कर गिरफ्तार

इस मामले में उत्पाद विभाग की टीम ने एंबुलेंस सवार दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।

दोनों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब की खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

इसके अलावा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

तस्करी के नए तरीकों से बढ़ी चुनौती

अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोग कार्रवाई से बचने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं।

पहले कई मामलों में पुलिस, सेना या प्रेस लिखे वाहनों से शराब ले जाने के मामले सामने आ चुके हैं। अब एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहन का इस्तेमाल किए जाने से जांच एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी वाहन को केवल उसके रूप या पहचान के आधार पर नहीं छोड़ा जाएगा। संदिग्ध गतिविधि मिलने पर पूरी जांच की जाएगी।

उत्पाद विभाग की कार्रवाई जारी

उत्पाद विभाग ने बताया कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

टीमों को संदिग्ध वाहनों और गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि शराब तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

एंबुलेंस मालिक और नेटवर्क की जांच

पुलिस और उत्पाद विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि जब्त की गई एंबुलेंस किसके नाम पर है और इसका इस्तेमाल पहले भी किसी तस्करी में किया गया था या नहीं।

जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।

आगे की कानूनी कार्रवाई

फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई के बाद शराब तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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