किशनगंज। जिले में प्रस्तावित और निर्माणाधीन बड़ी विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए प्रशासन ने भू-अर्जन की प्रक्रिया तेज करने की कवायद शुरू कर दी है। शुक्रवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार ने समाहरणालय में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए चल रहे भू-अर्जन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जमीन अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के रास्ते में आने वाली प्रशासनिक या अन्य अड़चनों को तत्काल दूर किया जाए, ताकि विकास कार्यों को निर्धारित गति से आगे बढ़ाया जा सके।
कई बड़ी परियोजनाओं की हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में जिले के लिए महत्वपूर्ण कई सड़क, रेल और हवाई संपर्क परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। इनमें किशनगंज-बहादुरगंज फोरलेन, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, अररिया-गलगलिया नई ब्रॉडगेज रेल लाइन और किशनगंज हवाई अड्डा रनवे विस्तार प्रमुख रूप से शामिल रहे।
अधिकारियों ने प्रत्येक परियोजना के लिए अब तक की गई भू-अर्जन कार्रवाई, लंबित मामलों और सामने आ रही समस्याओं की जानकारी जिलाधिकारी के समक्ष रखी। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में किसी स्तर पर प्रक्रिया लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
प्रशासन का मानना है कि इन परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जितनी तेजी से पूरी होगी, निर्माण कार्यों को भी उतनी ही गति मिल सकेगी।
किशनगंज-बहादुरगंज फोरलेन पर विशेष ध्यान
बैठक में भारतमाला परियोजना के तहत प्रस्तावित किशनगंज-बहादुरगंज फोरलेन के लिए चल रहे भू-अर्जन कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। यह परियोजना क्षेत्र में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फोरलेन परियोजना के पूरा होने से किशनगंज और बहादुरगंज के बीच यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। सड़क की क्षमता बढ़ने से यात्रा के समय में कमी आने के साथ-साथ क्षेत्र में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
डीएम ने परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण के मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों में दस्तावेज या अन्य औपचारिकताओं के कारण देरी हो रही है, उनका समाधान संबंधित विभागों के बीच समन्वय से किया जाए।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे भी एजेंडे में
बैठक में गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के लिए भू-अर्जन की स्थिति पर भी चर्चा हुई। यह परियोजना क्षेत्रीय संपर्क और परिवहन व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासन ने परियोजना के लिए आवश्यक भूमि से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए।
रेल परियोजना की भी समीक्षा
अररिया-गलगलिया नई ब्रॉडगेज रेल लाइन के लिए चल रहे भू-अर्जन कार्यों की भी बैठक में बिंदुवार समीक्षा की गई। रेल संपर्क का विस्तार किशनगंज और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई रेल लाइन से क्षेत्र में यात्री और माल परिवहन की सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा व्यापारिक गतिविधियों को भी नई कनेक्टिविटी से लाभ मिल सकता है।
भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
रनवे विस्तार के लिए भी जमीन जरूरी
समीक्षा के दौरान किशनगंज हवाई अड्डा रनवे विस्तार परियोजना को लेकर चल रही भू-अर्जन प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। हवाई अड्डे के विस्तार को जिले में बेहतर हवाई संपर्क की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रनवे विस्तार समेत अन्य परियोजनाओं के लिए जरूरी भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में यदि कोई मामला लंबित है तो उसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सड़क और पुल परियोजनाओं की भी समीक्षा
बड़ी राष्ट्रीय और अंतरक्षेत्रीय परियोजनाओं के अलावा जिले में विभिन्न सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए चल रहे भू-अर्जन कार्यों की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों से परियोजना वार जानकारी लेकर जिलाधिकारी ने लंबित मामलों की स्थिति जानी। उन्होंने कहा कि छोटे-बड़े सभी विकास कार्यों में भूमि संबंधी मामलों के कारण अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क तथा पुलों के निर्माण से आवागमन आसान होने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
अड़चनों को तत्काल दूर करने के निर्देश
डीएम नवीन कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भू-अर्जन से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसे उच्च स्तर तक लंबित रखने के बजाय तत्काल संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए।
उन्होंने समयसीमा निर्धारित कर लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने पर भी जोर दिया। प्रशासन की कोशिश है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को व्यवस्थित और तेज बनाकर विकास परियोजनाओं के निर्माण में होने वाली देरी को कम किया जाए।
बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्ययोजना से जिलाधिकारी को अवगत कराया। डीएम ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
किशनगंज में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं एक साथ आगे बढ़ रही हैं। सड़क, रेल और हवाई संपर्क से जुड़ी इन योजनाओं के पूरा होने पर जिले की कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार की उम्मीद है।
प्रशासन के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करना है। शुक्रवार की समीक्षा बैठक में इसी मुद्दे पर विशेष जोर दिया गया।
डीएम के निर्देशों के बाद अब संबंधित विभागों को लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन करना होगा। प्रशासन की यह पहल सफल रही तो भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज होने के साथ किशनगंज की प्रमुख विकास परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।