बुनियादी सुविधाओं की कमी से श्रद्धालुओं को हो सकती है दिक्कत

Update: 2026-06-28 10:59 GMT

Bihar: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत 30 जुलाई से होनी है, लेकिन सिर्फ एक महीने का समय बचने के बावजूद जमीनी स्तर पर तैयारियां धीमी नजर आ रही हैं। अजगैबीनाथ और नमामि गंगे घाट की स्थिति प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रही है। हर साल लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर रवाना होते हैं, ऐसे में बुनियादी सुविधाओं की कमी चिंता बढ़ा रही है।

घाटों पर समतलीकरण और सुरक्षा कार्य अधूरे

अजगैबीनाथ गंगा घाट और नमामि गंगे घाट पर अब तक समतलीकरण का काम पूरा नहीं हुआ है। कई जगहों पर कीचड़ और असमान जमीन के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है। सुरक्षा के लिहाज से जरूरी बैरिकेडिंग भी अभी तक शुरू नहीं की गई है।

पेयजल और शौचालय की भारी कमी

घाट क्षेत्र में अब तक पर्याप्त अस्थाई शौचालय और पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई है। श्रद्धालुओं के लिए चापाकल और वाटर एटीएम जैसी सुविधाएं भी अधूरी हैं। पहले से ही आने वाले कांवड़ियों को इन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

स्टेशन रोड से घाट तक अतिक्रमण का असर

सुल्तानगंज स्टेशन रोड, अपर रोड, नमामि गंगे घाट रोड और कांवड़िया पथ के कई हिस्सों में अतिक्रमण बना हुआ है। सड़क किनारे अवैध दुकानें और कब्जों के कारण भीड़ के समय जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई बड़ी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।

भीड़ प्रबंधन को लेकर बढ़ी चिंता

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समतलीकरण, बैरिकेडिंग और अतिक्रमण हटाने का काम नहीं हुआ तो मेला के दौरान भीड़ नियंत्रण बड़ी चुनौती बन सकता है। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

प्रशासन का दावा, जल्द होंगे काम पूरे

वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सभी कार्यों को जुलाई के पहले सप्ताह से तेजी से शुरू किया जाएगा और तय समय सीमा में व्यवस्था पूरी कर ली जाएगी।

श्रद्धालुओं की आस्था और प्रशासन की परीक्षा

श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां हर साल 50 से 60 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या प्रशासन समय रहते तैयारियों को पूरा कर पाएगा या फिर इस बार भी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ेगा।

Tags:    

Similar News