
Bihar: नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार के जिलों में साफ दिखाई देने लगा है। बारिश के कारण मेची नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे किशनगंज जिले के गलगलिया और आसपास के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी के उफान पर आने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
मेची नदी का जलस्तर बढ़ा, गांवों में बढ़ी चिंता
लगातार बारिश के चलते मेची नदी अचानक उफान पर आ गई है। नदी का पानी बढ़ने से गलगलिया समेत सीमावर्ती इलाकों के दर्जनों गांव प्रभावित हो सकते हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा खतरा महसूस हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो नदी का पानी रिहायशी इलाकों और खेतों में घुस सकता है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। किसानों की चिंता भी लगातार बढ़ रही है क्योंकि खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूबने की आशंका के घेरे में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपने सामान और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
सीमा चौकियों पर हाई अलर्ट, SSB की निगरानी तेज
भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा संभाल रही 41वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) की भक्सरभिट्ठा और नेमुगुरी लागराडूबा सीमा चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जवान लगातार मेची नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। नदी के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि अचानक बाढ़ की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
ग्रामीणों में दहशत, खेत और घरों पर खतरा
गलगलिया और आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोग बाढ़ की आशंका को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जलस्तर और बढ़ता है तो पानी सीधे घरों और खेतों में घुस सकता है। इससे न केवल जनजीवन प्रभावित होगा बल्कि खेती को भी भारी नुकसान पहुंचने की संभावना है। लोगों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भी इस तरह की स्थिति बन चुकी है, लेकिन इस बार बारिश की तीव्रता ज्यादा होने के कारण खतरा और बढ़ गया है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी अलर्ट मोड में
स्थिति पर नजर रखने के लिए स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधि और सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। जिला परिषद प्रतिनिधि, मुखिया प्रतिनिधि, गलगलिया थाना और SSB अधिकारियों ने संयुक्त रूप से लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निर्देशों का पालन किया जाए और सुरक्षित स्थानों पर शरण ली जाए।
आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका
मौसम विभाग और स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि यदि नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा, तो मेची नदी और अधिक विकराल रूप ले सकती है। इससे भारत-नेपाल सीमा से सटे गांवों के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित बाढ़ से समय रहते निपटा जा सके।





