रांची में छठ महापर्व का खारना आज: भक्तों ने पूरे विधि-विधान से किया पूजन, घरों में गूंजे छठी माई के गीत

Update: 2025-10-26 18:46 GMT
Bihar बिहार: राजधानी रांची सहित पूरे झारखंड में आज छठ महापर्व का दूसरा दिन ‘खारना’ पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। आस्था के इस पर्व में आज भक्तों ने सूर्य भगवान की पूजा कर खीर-रोटी (गुड़ और चावल की खीर) का नैवेद्य अर्पित किया और पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे के निर्जला व्रत की शुरुआत की। सुबह से ही शहर के मोहल्लों और गांवों में धार्मिक वातावरण और लोकगीतों की गूंज सुनाई दे रही थी। महिलाएं पारंपरिक परिधान—साड़ी और सोलह शृंगार में सजीं—सूर्य देव की आराधना के लिए तैयार हुईं। पूजा के लिए घरों में विशेष रूप से गंगाजल, मिट्टी के चूल्हे, नए बर्तन और केले के पत्ते से सजे पूजन स्थल तैयार किए गए। 

खारना के अवसर पर व्रतधारियों ने संध्या के समय भगवान सूर्य की आराधना की और इसके बाद खीर-रोटी का प्रसाद तैयार किया गया। यह प्रसाद पहले सूर्य देव को अर्पित किया गया, फिर परिवार और पड़ोसियों के साथ साझा किया गया। इस प्रसाद को खाने के बाद व्रतधारी अगले 36 घंटे तक बिना पानी पिए उपवास रखेंगे। छठ महापर्व सूर्य उपासना का चार दिवसीय त्योहार है, जिसकी शुरुआत नहाय-खाय से होती है, दूसरा दिन खारना, तीसरा दिन संध्या अर्घ्य और चौथा दिन उषा अर्घ्य से पूर्ण होता है। इस पर्व में सूर्य देव और छठी माई की पूजा से जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि की कामना की जाती है। 

रांची के हरमू नदी, कदमा घाट, और कांके डैम सहित प्रमुख जलाशयों पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और स्वच्छता के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। जिला प्रशासन ने घाटों की सफाई, रोशनी और बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की है। महिला स्वयंसेवक और पुलिसकर्मी घाटों पर तैनात हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संगठनों ने भी छठ पर्व की महिमा पर आधारित भजन-कीर्तन और नाटक का आयोजन किया। शहर के बाजारों में फल, गन्ना, नारियल, और पूजन सामग्री की खरीददारी के लिए भीड़ लगी रही। 

व्रतधारियों का कहना है कि छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अनुशासन, पवित्रता और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का पर्व है। “छठी माई से हम अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं,” एक व्रती महिला ने कहा। राज्यभर में छठ पर्व के कारण घरों और गलियों में उत्सव का माहौल है। लोग अपने रिश्तेदारों और परिचितों को छठ की शुभकामनाएं दे रहे हैं। प्रशासन ने भी अपील की है कि श्रद्धालु पर्यावरण की स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान रखें और प्लास्टिक का उपयोग न करें। रांची के कई इलाकों में स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा सफाई अभियान और जल व्यवस्था की जा रही है। झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करता यह पर्व पूरे राज्य में आस्था और एकता का प्रतीक बन चुका है। कल (सोमवार) को संध्या अर्घ्य के साथ सूर्य देवता को जल अर्पित किया जाएगा, जबकि अगले दिन प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ छठ महापर्व का समापन होगा।
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