Patna पटना। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का स्वागत किया। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह हम सभी लोगों के लिए खुशी की बात है कि आज नीतीश कुमार ने बिहार के सीएम पद की शपथ ली। बिहार में एनडीए की जीत हुई, यह हमारे लिए खुशी की बात है। मैं बिहार के लोगों का दिल से धन्यवाद करना चाहूंगा कि उन्होंने एनडीए की सरकार पर एक बार फिर से विश्वास जताया। मैं बिहार के लोगों को आश्वस्त करता हूं कि अब विकास से संबंधित कार्य तीव्र गति से होंगे। वहीं, उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से मतदाता सूची पुनरीक्षण के विरोध किए जाने पर आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि अब क्यों ममता बनर्जी मतदाता सूची पुनरीक्षण का विरोध कर रही हैं। अब तो इसकी प्रक्रिया भी पश्चिम बंगाल में शुरू हो चुकी है। जिसके तहत प्रदेश में मौजूद फर्जी मतदाताओं को चिन्हित कर उन्हें मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। फर्जी मतदाताओं को भला हम अपने यहां रहने की इजाजत क्यों दें। अगर ऐसे मतदाताओं के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, तो इन लोगों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है, मुझे यह बात समझ नहीं आ रही है?
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक रह रहे हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाना जरूरी हो जाता है। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे फर्जी मतदाताओं को मतदान का अधिकार किसी भी सूरत में नहीं दिया जाना चाहिए। इन्हीं सब स्थिति को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई है। अगर इस प्रक्रिया को शुरू किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल से सभी बांग्लादेशी नागरिक खुद अपने देश के लिए रवाना हो रहे हैं, तो हमें इसका स्वागत करना चाहिए।
मुख्यमंत्री सरमा ने रॉबर्ट वाड्रा के बयान के संदर्भ में आश्चर्य जताते हुए कहा कि भला वो कौन हैं? क्या वो कोई सांसद या विधायक हैं? आखिर उनकी राजनीतिक पात्रता क्या है कि हम उनके बयान को गंभीरता से लें। क्या अब हमारी नौबत ऐसी हो चुकी है कि हम रॉबर्ट वाड्रा के किसी बयान को गंभीरता से लेते हुए उनके पीछे पड़ें