बिहार: संस्कृत विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के सभी गैर-सरकारी प्रस्वीकृत अनुदानित संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों का विस्तृत डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। इसके लिए डेटा इ-शिक्षा कोष (E-Shiksha Kosh) पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO स्थापना) को निर्देश दिया है कि तीन दिनों के भीतर सभी कर्मियों का पूरा विवरण एक्सेल शीट में भरकर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड को ई-मेल के माध्यम से भेजा जाए।
विशेष निदेशक सचिंद्र कुमार द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आंकड़ा संग्रह प्रपत्र (DCF) के बिंदु 1 से 26 तक की जानकारी अनिवार्य रूप से तय समयसीमा में उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद प्राप्त डेटा की जांच और स्क्रूटनी की जाएगी। इसके बाद प्रत्येक शिक्षक और कर्मी के लिए एक यूनिक आईडी (Unique ID) जनरेट की जाएगी। यह आईडी मिलने के बाद संबंधित शिक्षक इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर लॉगिन कर डीसीएफ के बिंदु 27 से 52 तक अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और सेवा संबंधी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे।
इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) द्वारा सभी जानकारी का डिजिटल वेरिफिकेशन किया जाएगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य राज्य के संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक-कर्मियों का एक समग्र, सटीक और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है। इससे भविष्य में वेतन भुगतान, एरियर, पेंशन, सेवा पुस्तिका और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता आएगी।
इस कदम से शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी सुधार के साथ-साथ कार्यप्रणाली को तेज और त्रुटिहीन बनाने में मदद मिलेगी।