शादी के दबाव के खिलाफ शिकायत

Update: 2026-06-27 11:11 GMT

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद अनोखा और प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहां अपने सपनों और करियर को बचाने के लिए एक ग्रेजुएशन की छात्रा ने अपने ही माता-पिता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जबरन शादी कराए जाने के कथित दबाव से परेशान होकर छात्रा न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाने मिठनपुरा थाने पहुंच गई। उसने पुलिस को लिखित आवेदन देकर मदद मांगी है और स्पष्ट किया है कि वह अभी शादी नहीं, बल्कि आगे की पढ़ाई कर आत्मनिर्भर बनना चाहती है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्रा के माता-पिता की काउंसलिंग कराने का फैसला किया है।

पटना जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहती है वैष्णवी

जानकारी के अनुसार, मिठनपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली कुमारी वैष्णवी शहर के ही एक प्रतिष्ठित महिला कॉलेज में ग्रेजुएशन (स्नातक) की पढ़ाई कर रही हैं। वैष्णवी पढ़ाई में होनहार हैं और उनका लक्ष्य जीवन में कुछ बड़ा करने का है। उन्होंने थाने में दिए गए अपने आवेदन में कहा है कि वह उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए पटना जाना चाहती हैं, ताकि वहां रहकर पूरी एकाग्रता के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) की तैयारी कर सकें। उनका एकमात्र लक्ष्य खुद के पैरों पर खड़े होना और आत्मनिर्भर बनना है।

करियर की बात करने पर परिवार ने खड़ा किया शादी का दबाव

छात्रा के अनुसार, उनके पिता एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। वैष्णवी का आरोप है कि उनका परिवार अब उनकी आगे की पढ़ाई का खर्च उठाने और उन्हें शहर से बाहर भेजने को तैयार नहीं है। जब उसने अपने माता-पिता के सामने उच्च शिक्षा और करियर बनाने की इच्छा जताई, तो उन्होंने साफ कह दिया कि आगे कोई पढ़ाई नहीं होगी और अब उसकी शादी की जाएगी। परिवार उसकी इच्छा के विरुद्ध उसकी शादी कराने की तैयारियों में जुट गया। अपने भविष्य और सपनों को टूटता देख परेशान छात्रा ने आखिरकार पुलिस की शरण लेने का फैसला किया।

बालिग छात्रा के अधिकारों को लेकर पुलिस गंभीर, होगी काउंसलिंग

थाने में आवेदन मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने छात्रा से पूरी बात की और उसकी समस्या को ध्यान से सुना। मिठनपुरा थाना पुलिस का कहना है कि यह एक बेहद संवेदनशील और पारिवारिक मामला है। चूंकि छात्रा कानूनन बालिग है, इसलिए उसे अपनी शिक्षा, करियर और भविष्य से जुड़े फैसले लेने का पूरा अधिकार है। कानून उसे अपनी मर्जी से जीने की आजादी देता है।

बातचीत से निकाला जाएगा समाधान

थानाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में किसी प्रकार की जल्दबाजी या कठोर कानूनी कार्रवाई करने के बजाय बातचीत का रास्ता चुना गया है। पुलिस अब छात्रा के माता-पिता को थाने बुलाएगी और महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उनकी काउंसलिंग की जाएगी। पुलिस का प्रयास है कि माता-पिता को समझा-बुझाकर इस पारिवारिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जा सके, ताकि वैष्णवी की आगे की शिक्षा प्रभावित न हो और वह बिना किसी मानसिक दबाव के अपने सपनों को पूरा कर सके। इस घटना की चर्चा अब पूरे शहर में हो रही है और लोग छात्रा के इस साहसिक कदम की सराहना कर रहे हैं।

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