पटना। बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र के पहले ही दिन नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई। तेजस्वी यादव इन दिनों विदेश दौरे पर हैं, जिसके कारण वह विधानसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं हो सके। उनकी अनुपस्थिति को लेकर सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें ‘पार्ट टाइम पॉलिटिशियन’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव बिहार और राज्य की जनता के मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं हैं। सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव का बिहार आने, भाषण देने और फिर वापस चले जाने का सिलसिला जारी है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब उनकी राजनीति को समझ चुकी है और उन्हें नकार रही है।
संजय सरावगी ने कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है और विपक्ष की जिम्मेदारी होती है कि वह सरकार से सवाल पूछे। ऐसे समय में नेता प्रतिपक्ष का सदन से बाहर रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति को जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी हमला बोला है। जेडीयू विधान पार्षद खालिद अनवर ने कहा कि विपक्ष के नेता का विधानसभा सत्र के दौरान मौजूद नहीं रहना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अपने मुद्दों को लेकर विपक्ष से उम्मीद करती है, लेकिन विपक्ष की प्राथमिकताएं अलग दिखाई दे रही हैं।
खालिद अनवर ने आरोप लगाया कि विपक्ष को जनता की समस्याओं से ज्यादा अपने निजी कार्यक्रमों की चिंता है। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति बिहार में रहकर ही समझी जा सकती है। अगर कोई नेता राज्य से बाहर रहकर जनता की आवाज उठाने का दावा करता है तो यह जनता तय करेगी कि वह कितना प्रभावी है।
बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह ने भी तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र जैसे महत्वपूर्ण समय में नेता प्रतिपक्ष का गायब रहना यह दिखाता है कि वह अपनी जिम्मेदारियों को लेकर कितने गंभीर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव का ध्यान जनता के मुद्दों से ज्यादा पारिवारिक कार्यक्रमों पर रहता है।
वहीं, आरजेडी ने अपने नेता का बचाव किया है। पार्टी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति से विपक्ष कमजोर नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आरजेडी के सभी विधायक सदन में मौजूद हैं और जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता तेजस्वी यादव की विचारधारा के साथ खड़ा है।
आरजेडी नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव लगातार बिहार के मुद्दों को उठाते रहे हैं और उनकी गैरमौजूदगी को राजनीतिक रंग देना सही नहीं है। पार्टी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की भूमिका सिर्फ सदन में मौजूद रहने तक सीमित नहीं होती, बल्कि जनता की आवाज उठाना भी उनकी जिम्मेदारी है।
गौरतलब है कि तेजस्वी यादव पिछले कुछ दिनों से विदेश यात्रा पर हैं। बताया जा रहा है कि वह यूरोप दौरे पर गए हुए हैं। उनके विदेश में होने की वजह से मानसून सत्र के पहले दिन ही सियासी विवाद शुरू हो गया। सत्ता पक्ष को जहां तेजस्वी पर हमला करने का मौका मिल गया, वहीं आरजेडी ने इसे राजनीतिक आरोप बताते हुए खारिज कर दिया है।
बिहार विधानसभा का यह मानसून सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार जहां बजट, विकास योजनाओं और विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का मुद्दा बनी रह सकती है।