
बिहार: मधेपुरा जिले से मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है। यहाँ कुमारखंड थाना क्षेत्र की सिहपुर गढ़िया पंचायत के वार्ड नंबर एक में पुश्तैनी जमीन के मामूली विवाद को लेकर हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं। एक कलयुगी पिता और सौतेले भाई ने मिलकर अपने ही परिवार के एक युवक पर जानलेवा हमला किया और क्रूरता पूर्वक चाकू से उसकी दोनों आँखें गोद दीं। इस दौरान समाज की संवेदनहीनता और पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद रविवार को उस समय चरम पर पहुँच गया जब बीएसएफ (BSF) से सेवानिवृत्त पिता सुरेंद्र यादव और उसके दूसरे बेटे ने मिलकर कुंदन (28 वर्ष) को घेर लिया। सेवानिवृत्त फौजी पिता सुरेंद्र यादव ने कुंदन को जमीन पर कीचड़ में दबोच लिया, जिसके बाद कुंदन के सौतेले भाई नीरज ने उसकी छाती पर बैठकर धारदार चाकू से बेरहमी से उसकी आँखों को गोदना शुरू कर दिया। कुंदन दर्द से चिल्लाता रहा, लेकिन हमलावरों का दिल नहीं पसीजा।
इस पूरी वारदात के दौरान सबसे शर्मनाक पहलू समाज की चरम संवेदनहीनता रही। दिनदहाड़े बीच सड़क पर हो रहे इस जघन्य अपराध को रोकने के बजाय वहाँ मौजूद लोग अपने मोबाइल फोन से इस खौफनाक मंजर का वीडियो और सोशल मीडिया रील्स बनाने में मशगूल रहे। किसी ने भी युवक की जान बचाने का प्रयास नहीं किया। घटना के बाद यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद आम लोगों में इस तमाशबीन रवैये को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
विवाद की मुख्य वजह जमीन का टुकड़ा है। पीड़ित कुंदन पिछले 10 वर्षों से अपनी मां और पत्नी के साथ अपने पिता से अलग रह रहा था। सेवानिवृत्त फौजी सुरेंद्र यादव के पास कुल सात एकड़ पुश्तैनी जमीन है, जिसमें से कुंदन अपने भरण-पोषण के लिए महज 10 कट्ठा जमीन के हिस्से की मांग कर रहा था। इसी मांग से नाराज होकर पिता और सौतेले भाई ने इस खूनी वारदात को अंजाम दे डाला। आरोपित फौजी वर्तमान में कुमारखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत है।
गंभीर रूप से घायल कुंदन को इलाज के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज, मधेपुरा में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। अस्पताल में पीड़ित कुंदन ने पुलिस प्रशासन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। कुंदन का दावा है कि जब उस पर यह जानलेवा हमला किया जा रहा था, तब डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर ही मौजूद थी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप करने के बजाय मूकदर्शक बने रहना चुना। इस संबंध में कुमारखंड थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने बताया कि पीड़ित युवक का इलाज चल रहा है और स्थिति नाजुक बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पीड़ित पक्ष की ओर से आवेदन मिलते ही दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





