Bihar: पटना समेत बिहार के कई जिलों में ठंड का असर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम का मिजाज लगातार सख्त होता जा रहा है और लोगों को सुबह-शाम तेज कनकनी का सामना करना पड़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, राज्य में अगले एक सप्ताह तक दिन और रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे सामान्य जनजीवन पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।
22 दिसंबर के बाद शीतलहर का खतरा, कोल्ड डे की संभावना
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 22 दिसंबर के बाद बिहार के कई हिस्सों में ‘कोल्ड वेव’ और ‘कोल्ड डे’ जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे चला जाएगा।
सारण, भागलपुर, बक्सर, गया, पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी विक्षोभ बना ठंड बढ़ने की वजह
मौसम में आए इस अचानक बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) बताया जा रहा है।
IMD के अनुसार, 17 दिसंबर के बाद इसका असर बिहार के मैदानी इलाकों में साफ दिखेगा, जिससे ठंड और ज्यादा तेज हो सकती है और सुबह-शाम घना कोहरा छाया रह सकता है।
कोहरा और प्रदूषण ने बढ़ाई मुश्किल, विजिबिलिटी घटी
ठंड के साथ-साथ घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को सावधानी से ड्राइव करने की अपील की गई है।
वहीं राजधानी पटना में वायु प्रदूषण भी चिंता का विषय बना हुआ है। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 151 से 333 के बीच रिकॉर्ड किया गया है। कोहरा और प्रदूषण मिलकर लोगों के स्वास्थ्य पर दोहरा असर डाल रहे हैं।