बिहार: मिड-डे मील में सांप मिलने पर बड़ा एक्शन, हेडमास्टर सस्पेंड; 4 रसोइयों की सेवा खत्म
पटना/खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड स्थित कन्या मध्य विद्यालय, भूतौली में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) में कीड़े मिलने की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर तत्काल प्राथमिक जांच कराई गई। जांच में विद्यालय स्तर पर लापरवाही की पुष्टि होने के बाद विभाग ने कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय की हेडमास्टर संजुला कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही विद्यालय में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाली चारों रसोइया-सह-सहायिकाओं की सेवा भी समाप्त कर दी गई है। विभाग का कहना है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्रवाई की जद में आई रसोइयों में सुलेखा देवी, मनोरमा देवी, अनिला देवी और नीलम देवी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने इन सभी को चयनमुक्त करते हुए विद्यालय में नए रसोइयों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और बच्चों को स्वच्छ भोजन मिल सके।
केवल विद्यालय स्तर पर ही नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। विभाग ने संबंधित बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) और मध्याह्न भोजन योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एमडीएम डीपीओ) के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों से पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी स्कूलों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए तथा भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान स्वच्छता के सभी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी विद्यालय में भविष्य में ऐसी लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिलों के शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने और मिड-डे मील योजना की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय अभिभावकों में भी नाराजगी देखी गई। अभिभावकों ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। विभाग ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और बच्चों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और उनकी विद्यालय में उपस्थिति बढ़ाना है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही को शिक्षा विभाग गंभीरता से ले रहा है। खगड़िया की इस घटना के बाद विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने और भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।