नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में सक्रिय जन सुराज पार्टी अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपना संगठन खड़ा करने की तैयारी में है। पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर रविवार को दिल्ली में जन सुराज समर्थकों के साथ बैठक करने वाले हैं। प्रस्तावित बैठक में दिल्ली के लिए पार्टी की स्टीयरिंग कमेटी का ऐलान किए जाने की संभावना है। यह कमेटी राजधानी में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और आगे की राजनीतिक गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करने का काम करेगी।

जन सुराज का दिल्ली की तरफ बढ़ना पार्टी की बिहार से बाहर संगठन विस्तार की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। बिहार में पार्टी लगातार संगठनात्मक गतिविधियां कर रही है। सितंबर में भी प्रशांत किशोर ने बिहार के विभिन्न हिस्सों में पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों को लेकर बैठकें की हैं। हाल में जन सुराज ने बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए पांच उम्मीदवारों के नाम भी घोषित किए हैं।

अब पार्टी की नजर दिल्ली में अपनी संगठनात्मक मौजूदगी बनाने पर है। रविवार की बैठक को इसी दिशा में शुरुआती कदम माना जा रहा है। बैठक में दिल्ली में रहने वाले जन सुराज समर्थकों के अलावा पार्टी से जुड़े प्रमुख लोगों के शामिल होने की संभावना है। यहां राजधानी में संगठन के स्वरूप और भविष्य के कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हो सकती है।

दिल्ली के लिए बनने वाली स्टीयरिंग कमेटी की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। यह कमेटी राजधानी में पार्टी की शुरुआती टीम तैयार करने के साथ अलग-अलग इलाकों में संगठन विस्तार की योजना बना सकती है। इसके बाद जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

प्रशांत किशोर लंबे समय तक विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीतिकार के रूप में काम करने के बाद बिहार में जन सुराज अभियान के जरिए सक्रिय राजनीति में उतरे थे। बाद में जन सुराज को राजनीतिक पार्टी का स्वरूप दिया गया। पार्टी ने बिहार में अपनी राजनीतिक गतिविधियों का विस्तार करते हुए चुनावी मैदान में सक्रियता बढ़ाई है।

हाल के दिनों में जन सुराज की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना रहा है। बिहार में पार्टी वार्ड और बूथ स्तर तक संगठन बनाने की दिशा में काम कर रही है। सितंबर में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार जन सुराज ने स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों का नेटवर्क मजबूत करने की योजना बनाई है।

बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर भी पार्टी ने अपनी सक्रियता बढ़ाई है। 20 सितंबर को जन सुराज ने पांच उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। इनमें पटना शिक्षक, सारण शिक्षक, दरभंगा शिक्षक, कोसी स्नातक और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पार्टी ने शेष सीटों के लिए भी उम्मीदवार घोषित करने की बात कही थी।

दिल्ली में संगठन खड़ा करने की तैयारी ऐसे समय हो रही है जब पार्टी बिहार में अपनी चुनावी और संगठनात्मक गतिविधियों को लगातार विस्तार दे रही है। हालांकि दिल्ली में जन सुराज किस चुनाव में और किस स्तर पर उम्मीदवार उतारेगी, इसे लेकर पार्टी की विस्तृत आधिकारिक रणनीति सामने आना अभी बाकी है। रविवार की बैठक के बाद इस दिशा में तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है।

राजधानी में किसी नए राजनीतिक संगठन के लिए सबसे बड़ी चुनौती जमीनी ढांचा तैयार करने की होती है। दिल्ली में पहले से भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जैसे दलों का संगठन मौजूद है। ऐसे में जन सुराज को अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने के साथ स्थानीय मुद्दों पर भी स्पष्ट कार्यक्रम तैयार करना होगा। पार्टी किन मुद्दों को प्राथमिकता देती है और किन सामाजिक समूहों के बीच अपना आधार बनाने की कोशिश करती है, यह उसके आगामी कार्यक्रमों से सामने आएगा।

दिल्ली में बड़ी संख्या में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से जुड़े लोग भी रहते हैं। हालांकि जन सुराज की संगठनात्मक रणनीति केवल किसी एक समुदाय या क्षेत्र के मतदाताओं पर केंद्रित होगी या व्यापक दिल्ली स्तर का ढांचा तैयार किया जाएगा, इस संबंध में पार्टी की ओर से विस्तृत रूपरेखा सामने आनी बाकी है।

फिलहाल सबसे ज्यादा नजर प्रस्तावित स्टीयरिंग कमेटी पर रहेगी। कमेटी में किन लोगों को जगह दी जाती है और उन्हें क्या जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं, इससे दिल्ली में जन सुराज की शुरुआती रणनीति के संकेत मिल सकते हैं। इसके बाद पार्टी सदस्यता अभियान, स्थानीय बैठकें और क्षेत्रवार संगठन निर्माण जैसे कार्यक्रम शुरू कर सकती है।

प्रशांत किशोर स्वयं भी बिहार में लगातार संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। हाल में मुजफ्फरपुर में उन्होंने विधान परिषद चुनाव को लेकर बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इससे पहले पार्टी ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों को लेकर भी अपनी चुनावी तैयारी आगे बढ़ाई थी।

अब रविवार को दिल्ली में होने वाली बैठक जन सुराज के लिए बिहार से बाहर संगठन विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधि हो सकती है। बैठक में स्टीयरिंग कमेटी का गठन होने पर राजधानी में पार्टी के संगठन निर्माण की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद ही साफ होगा कि जन सुराज दिल्ली की राजनीति में अपनी मौजूदगी को किस तरह और कितनी तेजी से विस्तार देने की योजना बना रही है।

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