Patna पटना। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने शुक्रवार को पटना में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी आर-ब्लॉक से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़े। पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को पार करने की कोशिश के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। कुछ प्रदर्शनकारी ज्ञानेश कुमार का पुतला लेकर बैरिकेड पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस और कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब नहीं दिया है। उन्होंने बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों को लेकर भी आरोप लगाए। ये कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं और इन्हें किसी अदालत या चुनाव आयोग ने तथ्य के रूप में स्वीकार नहीं किया है। पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी चुनाव आयोग की आलोचना की। वहीं RJD नेताओं और कार्यकर्ताओं ने SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया।
यह विवाद उस रिपोर्ट के बाद और बढ़ा है, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने, फॉर्म-6 और मतदाता सूची के डिजिटल सिस्टम समेत विभिन्न मामलों में कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। हालांकि चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेद के निष्कर्ष को खारिज करते हुए कहा है कि SIR समेत आयोग के निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए और अंतिम फैसले सर्वसम्मति से हुए।