Bihar: बिहार में केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित मद्यनिषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही पदों की लिखित परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। गया, कैमूर, रोहतास और नवादा जिलों में हाईटेक नकल, ब्लूटूथ डिवाइस, फर्जी दस्तावेज और OMR शीट से छेड़छाड़ के मामले उजागर हुए हैं। कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
गया जी में 6 लाख की डील का खुलासा
गया जी के रामरुचि बालिका स्कूल परीक्षा केंद्र पर ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़े गए परीक्षार्थी प्रिंस कुमार ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए 6 लाख रुपये में सेटिंग हुई थी। इस मामले का मुख्य सरगना नालंदा का अमित कुमार उर्फ अर्जुन बताया गया है, जो पुलिस छापेमारी से पहले फरार हो गया।
भभुआ में फर्जी आधार से परीक्षा देने वाला गिरफ्तार
भभुआ के सरदार वल्लभ भाई पटेल महाविद्यालय में एक युवक रवि कुमार को गिरफ्तार किया गया। वह अपने आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर दोबारा परीक्षा दे रहा था। जांच में सामने आया कि वह पहले भी नाम बदलकर आरा में परीक्षा दे चुका था।
रोहतास में हाईटेक उपकरणों के साथ गिरोह का पर्दाफाश
कोचस थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक गिरोह का भंडाफोड़ किया। एक लग्जरी कार से दो वॉकी-टॉकी, तीन ब्लूटूथ डिवाइस, चार बुकलेट, माइक रिसीवर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। मुख्य सरगना नंदकिशोर पासवान फरार हो गया, जबकि एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
नवादा में OMR शीट की कार्बन कॉपी लेकर फरार परीक्षार्थी
नवादा के एसकेएम महाविद्यालय में एक परीक्षार्थी राहुल कुमार परीक्षा के बाद OMR शीट की कार्बन कॉपी लेकर फरार हो गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है कि कार्बन कॉपी का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
इस पूरे मामले ने बिहार की सिपाही भर्ती परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईटेक नकल, फर्जी दस्तावेज और संगठित गिरोह की सक्रियता से परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर बड़ा संकट दिखाई दे रहा है। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और कई मामलों में जांच जारी है।