बिहार: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सरकार का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले एक महीने में विभाग ने अब तक 62 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राजस्व से जुड़े कामों में किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ताजा मामले में शुक्रवार को सुपौल और फारबिसगंज के अंचल अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोपों में चार्जशीट दाखिल की गई है। इन पर अवैध दाखिल-खारिज, फर्जी परिमार्जन और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग जैसे आरोप लगे हैं। सुपौल सदर के अंचल अधिकारी आनंद कुमार मंडल पर फर्जी परिमार्जन, अवैध दाखिल-खारिज, सरकारी डीजल का निजी वाहन में उपयोग करने और निजी दलाल रखने जैसे गंभीर आरोप हैं। विभाग ने इनके खिलाफ आरोप पत्र गठित कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
वहीं, अररिया जिले के फारबिसगंज की तत्कालीन अंचल अधिकारी और वर्तमान में जिला अंकेक्षण पदाधिकारी राखी कुमारी पर भी कार्रवाई की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बंदोबस्त रद्दीकरण वाद संख्या 13/2017-18 की प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की। इस मामले को आगे की अनुशासनिक कार्रवाई के लिए सहकारिता विभाग को भेजा गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बीते एक महीने में भ्रष्टाचार, अनियमितता, रिश्वतखोरी और लापरवाही के मामलों में कुल 62 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इससे पहले 19 जून को 10 और 12 जून को 8 अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई थी।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है और जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर सेवा देना सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सरकार की इस सख्ती से विभाग में हड़कंप की स्थिति है और कई स्तरों पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में और भी अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।