बिहार: नेपाल में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव का असर अब भारत-नेपाल रेल सेवा पर भी पड़ने लगा है। नेपाल के सुनसरी जिले से शुरू हुई हिंसा धीरे-धीरे मधेश प्रदेश के कई इलाकों तक फैल गई है। बिगड़ते हालात और सुरक्षा को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने धनुषा और सिरहा जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। इसके बाद भारत के जयनगर से नेपाल के जनकपुर और बिजलपुरा के बीच चलने वाली नेपाली ट्रेन सेवा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।
जयनगर नेपाली रेलवे के स्टेशन अधीक्षक एसएल मीना ने जानकारी दी कि धनुषा जिले में कर्फ्यू लागू होने के बाद शुक्रवार से रेल परिचालन बंद कर दिया गया। जयनगर-जनकपुर-बिजलपुरा रेलखंड पर अब यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। रेलवे प्रशासन ने यह फैसला यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है।
सामान्य दिनों में इस रेल मार्ग पर रोजाना तीन फेरों में ट्रेन का संचालन किया जाता है। इनमें एक फेरा बिजलपुरा तक और दो फेरे जनकपुर-कुर्था के बीच पूरे किए जाते हैं। इस ट्रेन सेवा से भारत और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के करीब पांच हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। ट्रेन बंद होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नेपाल रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, तनाव बढ़ने से पहले गुरुवार तक ट्रेन सेवा सामान्य रूप से चल रही थी। हालांकि, शाम के समय हालात बिगड़ने के बाद सुरक्षा को देखते हुए ट्रेन को बिजलपुरा तक नहीं भेजा गया और केवल जनकपुर तक ही संचालित किया गया। इसके बाद स्थिति को देखते हुए रेल सेवा पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया गया।
सुरक्षा कारणों से नेपाली ट्रेन के रैक को वापस जयनगर स्टेशन लाकर खड़ा कर दिया गया है। इसके अलावा नेपाल के ईनरवा रेलवे स्टेशन पर मौजूद अतिरिक्त डिब्बों को भी सुरक्षित तरीके से जयनगर पहुंचाया गया है। रेलवे प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और हालात सामान्य होने के बाद ही सेवा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
इस बीच नेपाल रेलवे ने ट्रेन और स्टेशन परिसर की सुरक्षा को लेकर रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी को पत्र भेजा है। रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों से यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने का अनुरोध किया है।
नेपाल में फैली सांप्रदायिक हिंसा ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। मधेश प्रदेश में तनाव बढ़ने के बाद कई इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
इस हिंसा का आर्थिक असर भी देखने को मिल रहा है। ट्रेन सेवा बंद होने से नेपाल रेलवे के राजस्व पर भी सीधा असर पड़ा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। भारत और नेपाल के बीच इस रेल मार्ग का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग रोजाना काम, व्यापार और अन्य जरूरतों के लिए करते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले नेपाल में हुए जेन-जी आंदोलन के दौरान भी सुरक्षा कारणों से रेल सेवाओं को रोकना पड़ा था। फिलहाल रेलवे प्रशासन और नेपाल सरकार की नजरें हालात सामान्य होने पर टिकी हुई हैं। यात्रियों को उम्मीद है कि सुरक्षा स्थिति बेहतर होते ही जयनगर-जनकपुर-बिजलपुरा रेल सेवा फिर से शुरू कर दी जाएगी।