बिहार पुलिस ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में STF जवान को किया गिरफ़्तार
Arrah : आरा के पुलिस अधीक्षक (SP) राज ने शुक्रवार को पुष्टि की कि आरा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीमों ने चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में STF कॉन्स्टेबल अक्षय कुमार को आरा से गिरफ्तार किया है।
आरा के SP राज ने ANI को बताया, "भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में शामिल एक पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार पुलिसकर्मी की पहचान अक्षय के तौर पर हुई है। यह ऑपरेशन आरा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मिलकर चलाया था। आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।"
हाल ही में, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। इस मुलाकात के तुरंत बाद ही SDPO राजेश कुमार शर्मा को पुलिस मुख्यालय वापस बुला लिया गया था।
भरत तिवारी के परिवार का शुरू से ही कहना रहा है कि यह एनकाउंटर संदिग्ध था और उन्होंने इसमें शामिल सभी कर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि ऑपरेशन में शामिल टीम के हर सदस्य की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और कार्रवाई हो सकती है।
गिरफ्तारी के बाद, भरत तिवारी के परिवार ने सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपनी मांग दोहराई। इस घटनाक्रम पर बात करते हुए उनकी मां आशा देवी, पिता काशीनाथ तिवारी, भाई चंदन तिवारी और भाभी सुमन देवी ने चल रही जांच पर अपनी राय रखी।
भरत तिवारी के परिवार का कहना है, "हमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भरोसा है, लेकिन सिर्फ एक गिरफ्तारी से पूरा न्याय नहीं मिलता। असली न्याय तभी होगा जब इस घटना में शामिल हर एक पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया जाए और कानून के तहत सबसे कड़ी सजा दी जाए।"
17 जून को बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव के रहने वाले भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी। इस घटना से पूरे इलाके में काफी विवाद हुआ था।
भरत तिवारी के परिवार का दावा था कि पुलिस की गोलीबारी से पहले ही उन्होंने सरेंडर कर दिया था और अपना हथियार नीचे रख दिया था। घटना को लेकर हुए हंगामे के बाद, बिहार सरकार ने मामले की न्यायिक जांच की घोषणा की थी।
इस गिरफ्तारी से राज्य के पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। हालांकि यह पहली गिरफ्तारी जांच में एक अहम मोड़ है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि एनकाउंटर का पूरा सच उचित न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही सामने आएगा।