सीतामढ़ी। परसौनी और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन के बीच स्थित व्यस्त लेवल क्रॉसिंग पर अब सड़क उपरिगामी पुल (आरओबी) का निर्माण किया जाएगा। लंबे समय से यातायात बाधित होने और रेलवे फाटक बंद रहने के कारण लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए इस परियोजना को मंजूरी दे दी गई है।
आरओबी निर्माण परियोजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। पथ निर्माण कार्य के लिए राज्यांश मद में 10049.66 लाख रुपये और रेलवे अंश के रूप में 992.80 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इस संबंध में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने आधिकारिक जानकारी साझा की है।
इस परियोजना का उद्देश्य रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम को खत्म करना और लोगों को सुरक्षित व सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है। वर्तमान में ट्रेन के आवागमन के समय रेलवे फाटक बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इससे यात्रियों, स्थानीय लोगों और व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पूरे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा कराया जाएगा। इसमें पहुंच पथ का निर्माण भी शामिल होगा।
अधिकारियों के अनुसार, आरओबी निर्माण में राज्य सरकार और रेलवे दोनों की भागीदारी रहेगी। राज्यांश के अलावा परियोजना के लिए आवश्यक शेष राशि रेलवे की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।
सीतामढ़ी क्षेत्र में यह रेलवे क्रॉसिंग काफी व्यस्त मानी जाती है। रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन यहां से गुजरते हैं। रेलवे फाटक बंद होने के कारण कई बार एंबुलेंस, स्कूली वाहन और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी इंतजार करना पड़ता है।
आरओबी बनने के बाद रेलवे लाइन के ऊपर से वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा, जिससे फाटक बंद होने की समस्या खत्म होगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ सड़क सुरक्षा में भी सुधार होने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों ने लंबे समय से इस स्थान पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग की थी। उनका कहना था कि रेलवे क्रॉसिंग पर जाम के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। अब परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी या आरयूबी जैसे विकल्प यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे सड़क और रेल यातायात अलग-अलग हो जाते हैं और दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है।
पथ निर्माण विभाग के अनुसार, परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। निर्माण के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का भी ध्यान रखा जाएगा।
बिहार में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सरकार कई स्थानों पर आरओबी और फ्लाईओवर परियोजनाओं पर काम कर रही है। सीतामढ़ी में बनने वाला यह पुल भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आरओबी बनने से आसपास के गांवों और शहरों के बीच संपर्क बेहतर होगा। व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है, क्योंकि वाहनों की आवाजाही आसान हो जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से रेलवे फाटक पर जाम की समस्या बनी हुई थी। अब पुल निर्माण से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल प्रशासनिक मंजूरी के बाद अगला चरण निर्माण एजेंसी द्वारा प्रक्रिया पूरी करने का होगा। इसके बाद जमीन, डिजाइन और अन्य तकनीकी कार्यों के बाद निर्माण शुरू किया जाएगा।
परसौनी और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन के बीच बनने वाला यह आरओबी क्षेत्र के लिए बड़ी बुनियादी सुविधा परियोजना साबित हो सकता है। इससे यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ लोगों को सुरक्षित और तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी।