गोपालगंज। बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब की तस्करी के लिए नए-नए तरीके अपनाए जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गोपालगंज जिले के कुचायकोट में ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां शराब की खेप पहुंचाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडर को ही गुप्त ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। बाहर से सिलेंडर बिल्कुल सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन जब उत्पाद विभाग की टीम ने उसकी तलाशी ली तो उसके अंदर बनाया गया गुप्त तहखाना सामने आ गया।

सिलेंडर के अंदर शराब के 127 टेट्रा पैक छिपाकर रखे गए थे। बाइक पर गैस सिलेंडर लेकर जा रहे युवक को देखकर पहली नजर में किसी को भी शक नहीं होता कि उसके अंदर शराब छिपाई गई है। हालांकि, जांच के दौरान उत्पाद विभाग की टीम की नजर उस पर पड़ी और सिलेंडर की बारीकी से तलाशी लेने पर तस्करी का तरीका सामने आ गया।

बाइक पर सिलेंडर लेकर जा रहा था युवक

जानकारी के अनुसार, एक युवक बाइक पर घरेलू गैस सिलेंडर लेकर जा रहा था। सड़क पर आमतौर पर इस तरह सिलेंडर ले जाते लोगों को देखा जाता है, इसलिए बाहर से पूरा मामला सामान्य लग रहा था।

इसी बीच उत्पाद विभाग की टीम ने युवक को जांच के लिए रोका। बाइक और सिलेंडर की जांच शुरू की गई तो टीम को सिलेंडर को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद उसकी बारीकी से तलाशी ली गई।

जांच के दौरान सिलेंडर के अंदर छिपाकर बनाया गया हिस्सा मिला। उसे खोलने के बाद टीम भी हैरान रह गई। जिस सिलेंडर को सामान्य घरेलू गैस सिलेंडर समझा जा रहा था, उसके अंदर शराब के टेट्रा पैक भरे हुए थे।

सिलेंडर के अंदर छिपे थे 127 टेट्रा पैक

उत्पाद विभाग की तलाशी में सिलेंडर के भीतर से कुल 127 टेट्रा पैक शराब बरामद हुई। शराब को इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य जांच या दूर से देखने पर इसके बारे में पता लगाना मुश्किल था।

तस्करी के लिए सिलेंडर के अंदर गुप्त जगह तैयार की गई थी। इसी हिस्से में शराब के पैकेट रखे गए थे। बाहर से सिलेंडर का स्वरूप सामान्य रखा गया था, जिससे रास्ते में किसी को शक न हो।

मामला सामने आने के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने शराब को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

जांच में खुला तस्करी का राज

इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा चर्चा शराब छिपाने के तरीके की हो रही है। तस्कर ने शराब ले जाने के लिए किसी सामान्य बैग, वाहन की डिक्की या खुले सामान का इस्तेमाल करने के बजाय घरेलू गैस सिलेंडर को चुना।

इसका मकसद कथित तौर पर जांच से बचना था। सड़क पर बाइक के साथ घरेलू गैस सिलेंडर दिखाई देना आम बात है। ऐसे में सिलेंडर के अंदर शराब छिपाकर ले जाने पर आसानी से शक नहीं होता।

लेकिन उत्पाद विभाग की टीम ने जांच के दौरान सिलेंडर को खोलकर देखा तो पूरा मामला सामने आ गया।

शराबबंदी के बीच नया तरीका

बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद अवैध रूप से शराब पहुंचाने के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे मामलों में तस्करी के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं।

कुचायकोट में सामने आया यह मामला इसलिए अलग है क्योंकि यहां शराब छिपाने के लिए घरेलू इस्तेमाल की वस्तु को ही बदल दिया गया था। गैस सिलेंडर को इस तरह तैयार किया गया कि उसके अंदर शराब रखी जा सके और बाहर से देखने पर किसी को इसकी भनक न लगे।

उत्पाद विभाग की कार्रवाई के बाद यह तरीका सामने आया। अब विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

युवक से पूछताछ के जरिए खुल सकती हैं कड़ियां

इस तरह के मामलों में बरामदगी के बाद शराब की आपूर्ति से जुड़ी पूरी कड़ी का पता लगाना जांच का अहम हिस्सा होता है। बाइक सवार युवक शराब की खेप कहां से लेकर आया और इसे किसके पास पहुंचाना था, इन सवालों के जवाब आगे की जांच में सामने आ सकते हैं।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में शराब के स्रोत और उसके संभावित ठिकाने के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इन पहलुओं पर किसी तरह का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

उत्पाद विभाग बरामद शराब और सिलेंडर को लेकर आगे की कार्रवाई कर रहा है।

सामान्य दिख रहा था सिलेंडर

मामले में सबसे अहम बात यह रही कि शराब की खेप को छिपाने के लिए सिलेंडर का बाहरी स्वरूप सामान्य रखा गया था। अगर टीम इसकी बारीकी से जांच नहीं करती तो अंदर छिपाए गए टेट्रा पैक का पता लगाना मुश्किल हो सकता था।

सिलेंडर के अंदर जगह बनाकर उसमें 127 टेट्रा पैक रखना यह दिखाता है कि शराब को छिपाने के लिए पहले से तैयारी की गई थी। बाइक पर सिलेंडर रखकर ले जाने से यह किसी आम घरेलू जरूरत के लिए ले जाया जा रहा सामान दिखाई देता था।

कुचायकोट में सामने आया मामला

गोपालगंज का कुचायकोट क्षेत्र इस कार्रवाई के बाद चर्चा में है। उत्पाद विभाग की टीम ने जांच के दौरान बाइक पर ले जाए जा रहे सिलेंडर से शराब बरामद की है। शराब की मात्रा भले ही पैकेटों में थी, लेकिन उसे छिपाने के लिए अपनाए गए तरीके ने अधिकारियों का ध्यान खींचा।

टीम ने कुल 127 टेट्रा पैक बरामद किए हैं। शराब को जब्त करने के साथ संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

तस्करी रोकने के लिए जांच बनी अहम

शराबबंदी के बीच इस तरह के मामले जांच एजेंसियों के सामने नई चुनौती भी पेश करते हैं। जब तस्करी के लिए सामान्य घरेलू वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाता है, तब वाहनों और सामान की बारीकी से जांच की जरूरत बढ़ जाती है।

कुचायकोट में सिलेंडर के अंदर शराब मिलने की घटना इसका उदाहरण है। बाहर से सामान्य दिखाई देने वाले सिलेंडर के भीतर गुप्त जगह बनाकर शराब छिपाई गई थी।

फिलहाल उत्पाद विभाग इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रहा है। 127 टेट्रा पैक शराब की बरामदगी के साथ सिलेंडर के अंदर बनाया गया गुप्त ठिकाना भी सामने आया है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इस तस्करी के पीछे और कौन लोग जुड़े थे तथा शराब की खेप कहां पहुंचाई जानी थी।

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