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पटना: बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में सैकड़ों अभ्यर्थी सोमवार को पटना की सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास की ओर मार्च करने निकले। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि 1,799 पदों वाली SI भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लिया जाए और भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द दोबारा शुरू किया जाए। इसके साथ ही वे शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी PET की तारीख घोषित करने की भी मांग कर रहे हैं।
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग यानी BPSSC ने 23 सितंबर 2026 को SI भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा रद्द करने को लेकर आधिकारिक नोटिस जारी किया था। आयोग की वेबसाइट पर इस फैसले को लेकर स्पष्ट रूप से 'Cancellation of Mains Written Examination' का नोटिस दर्ज है। आयोग ने परीक्षा रद्द किए जाने के संबंध में 'अनिवार्य कारणों' का उल्लेख किया है और आगे की प्रक्रिया के लिए नई तारीख से जुड़ी सूचना बाद में जारी किए जाने की बात कही है।
इस फैसले के बाद भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी बढ़ गई। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा के अगले चरण की तैयारी में लंबे समय से मेहनत की है। अब मुख्य परीक्षा रद्द होने के कारण उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है। कई अभ्यर्थियों के अनुसार, वे पिछले कई महीनों से PET की तैयारी के लिए नियमित रूप से शारीरिक प्रशिक्षण कर रहे थे और अचानक भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किए जाने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अभ्यर्थी पिछले करीब 10 दिनों से पटना के गर्दनीबाग इलाके में धरना दे रहे थे। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से लगातार प्रदर्शन करने के बावजूद उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने का फैसला किया। सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बैनर और पोस्टर लेकर सड़क पर दिखाई दिए और परीक्षा रद्द करने के निर्णय के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर मार्च को नियंत्रित करने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को बीच में रोकने से उन सभी उम्मीदवारों को नुकसान हो रहा है, जिन्होंने तय प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी और अगले चरण के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। उनका सवाल है कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर समस्या थी, तो उसका समाधान संबंधित स्तर पर किया जाना चाहिए था। उम्मीदवारों का कहना है कि किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में दोषी लोगों पर कार्रवाई हो, लेकिन पूरी भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने से उन अभ्यर्थियों को परेशानी हो रही है, जिन्होंने अपनी ओर से सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया है।
बिहार पुलिस SI भर्ती के तहत 1,799 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी। मुख्य परीक्षा 27 मई 2026 को आयोजित की गई थी और उसका परिणाम 19 जून को जारी किया गया था। इसके बाद हजारों अभ्यर्थी अगले चरण यानी शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। बाद में आयोग ने 23 सितंबर को मुख्य लिखित परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया में शामिल 10 हजार से अधिक सफल अभ्यर्थियों पर असर पड़ा है।
अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग अब भर्ती प्रक्रिया के भविष्य को लेकर स्पष्टता है। वे जानना चाहते हैं कि रद्द की गई मुख्य परीक्षा दोबारा कब आयोजित होगी, पहले परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों का क्या होगा और PET की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक आयोग और सरकार की ओर से स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आती, तब तक उनकी अनिश्चितता बनी रहेगी।
सोमवार के मार्च को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गांधी मैदान और आगे के रास्ते पर पुलिस की तैनाती और बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों को सीधे उनके सामने रखने की मांग पर अड़े रहे।
यह मामला अब केवल परीक्षा रद्द होने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता से भी जुड़ गया है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि आयोग जल्द अगला शेड्यूल जारी करे और यह साफ करे कि रद्द की गई परीक्षा को किस तरीके से दोबारा आयोजित किया जाएगा। दूसरी ओर, आधिकारिक स्तर पर फिलहाल मुख्य लिखित परीक्षा रद्द किए जाने की सूचना जारी की गई है और आगे की प्रक्रिया को लेकर नए निर्देश की प्रतीक्षा है।
गौरतलब है कि बिहार में सरकारी भर्तियों को लेकर उम्मीदवारों के बीच परीक्षा प्रक्रिया, पारदर्शिता और समय पर नियुक्ति जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे हैं। SI भर्ती के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन भी इसी व्यापक चिंता को सामने ला रहा है। अब उनकी नजर आयोग और राज्य सरकार की अगली घोषणा पर है। भर्ती प्रक्रिया कब दोबारा शुरू होती है और नई परीक्षा तथा PET को लेकर क्या कार्यक्रम तय किया जाता है, यह आने वाले दिनों में सबसे अहम सवाल रहेगा।
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