असम में NDA की बड़ी बढ़त, 97 सीटों पर आगे, BJP मजबूत स्थिति में, हिमंत बिस्वा सरमा भारी अंतर से आगे
Assam असम: विधानसभा चुनाव के रुझानों में सत्ताधारी NDA एक बार फिर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है और लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की ओर बढ़ता दिख रहा है। राज्य की 126 विधानसभा सीटों में से NDA फिलहाल 97 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि बहुमत के लिए 64 सीटों की जरूरत होती है। यह रुझान NDA के लिए एक निर्णायक बढ़त का संकेत दे रहा है।
चुनाव आयोग द्वारा जारी ताजा ट्रेंड्स के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) अकेले 79 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि राज्य में BJP का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। पार्टी ने कई क्षेत्रों में अपनी स्थिति को पहले की तुलना में और बेहतर किया है।
NDA के अन्य सहयोगियों की बात करें तो असम गण परिषद (AGP) 9 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) 10 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इन सभी दलों की संयुक्त बढ़त ने NDA को राज्य में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।
दूसरी ओर, विपक्षी कांग्रेस 25 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस के सहयोगी रायजोर दल भी दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं, लेकिन यह संख्या NDA की तुलना में काफी कम है। इससे विपक्षी गठबंधन के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपने गृह क्षेत्र जालुकबारी सीट पर भारी बढ़त बनाए हुए हैं। वे 40,000 से अधिक वोटों के अंतर से आगे चल रहे हैं, जो उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता और क्षेत्र में मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई के लिए स्थिति मुश्किल नजर आ रही है। वे जोरहाट सीट पर BJP उम्मीदवार हितेंद्रनाथ गोस्वामी से 19,000 से अधिक वोटों से पीछे चल रहे हैं। यह कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि गोगोई को राज्य में पार्टी का प्रमुख चेहरा माना जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनावी रुझान से साफ है कि NDA ने राज्य में अपनी पकड़ और मजबूत की है, जबकि विपक्ष को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। BJP और उसके सहयोगियों की संयुक्त बढ़त इस बात का संकेत देती है कि मतदाताओं ने स्थिरता और विकास के मुद्दों पर भरोसा जताया है।
हालांकि अंतिम परिणाम अभी घोषित होना बाकी है, लेकिन मौजूदा रुझानों ने असम की राजनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। NDA की बढ़त से उसके समर्थकों में उत्साह है, जबकि विपक्षी खेमे में चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, असम में एक बार फिर NDA की मजबूत वापसी की ओर संकेत मिल रहे हैं, जो राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।