असम: असम में GST इंटेलिजेंस और एन्फोर्समेंट यूनिट ने रविवार, 8 नवंबर को लगातार चौथे दिन 'माँ कामाख्या कोक इंडस्ट्रीज' में अपनी तलाशी कार्रवाई जारी रखी। जांचकर्ता कई करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के कथित गलत इस्तेमाल की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगर फर्म के तीन मालिकों में से दो, बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद जांच में शामिल नहीं होते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
'माँ कामाख्या कोक इंडस्ट्रीज' नाम की यह फर्म कोयले के व्यापार और कोक के निर्माण से जुड़ी है। इसका कार्यालय गुवाहाटी के बेलटोला तिनियाली में है और निर्माण इकाई अमीनगाँव में स्थित है। आरोप है कि फर्म ने ऐसी कंपनियों के साथ लेनदेन दिखाकर फर्जी ITC का दावा किया है, जिनका असल में कोई अस्तित्व ही नहीं है। इस तरह से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) की चोरी की गई है।
GST व्यवस्था के तहत ITC एक ऐसी सुविधा है, जिससे कारोबारियों को अपने इनपुट पर चुकाए गए टैक्स को आउटपुट टैक्स देनदारी से घटाने (ऑफसेट करने) की अनुमति मिलती है। जांचकर्ताओं को शक है कि फर्म ने अपनी वास्तविक टैक्स देनदारी को कम करने के लिए फर्जी करदाताओं से जुड़े इनवॉइस का इस्तेमाल करके इस सुविधा का गलत फायदा उठाया है।
यह तलाशी अभियान गुरुवार, 5 नवंबर को शुरू हुआ था। इससे पहले हुई शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि फर्म फर्जी ITC का दावा करने में शामिल रही है। पहले दिन, जांच टीम ने जांच और सत्यापन के लिए कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। शुक्रवार को भी जांच जारी रही और तब से यह प्रक्रिया चल रही है।
फर्म के तीन मालिकों — अनिल कुमार अग्रवाल, बिमल कुमार अग्रवाल और नवीन कुमार गुप्ता — को जांच टीम के सामने पेश होने के लिए समन भेजा गया था। अधिकारियों के अनुसार, गुप्ता (जिन्हें नवीन सिंघल के नाम से भी जाना जाता है) ही एकमात्र ऐसे मालिक हैं, जिन्होंने अब तक जांच में सहयोग किया है।
आरोप है कि अनिल कुमार अग्रवाल और बिमल कुमार अग्रवाल ने बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद जांच में सहयोग नहीं किया है। जांचकर्ताओं ने संकेत दिया है कि अगर वे आगे भी सहयोग नहीं करते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
तलाशी के दौरान, अधिकारियों को 10 से अधिक GST रजिस्ट्रेशन नंबर मिले हैं। इसके बाद जांचकर्ताओं ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है और इन रजिस्ट्रेशन नंबरों से जुड़े सभी लेनदेनों की पड़ताल शुरू कर दी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, GST इंटेलिजेंस टीम कथित अनियमितताओं के व्यापक वित्तीय और कर-संबंधी पहलुओं की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGGI) से मदद लेने पर भी विचार कर रही है।
इसके अलावा, नवीन सिंघल के स्वामित्व वाले व्यवसाय 'महालक्ष्मी कॉन्टिनेंटल' में भी GST की एक और कार्रवाई चल रही है। इस प्रतिष्ठान में कथित अनियमितताओं का स्वरूप अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।