असम: सदौ असम कर्मचारी परिषद (SAKP) ने असम सरकार से राज्य सरकार के उन कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को जल्द लागू करने का आग्रह किया है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया जनवरी 2005 से पहले शुरू हुई थी। परिषद का कहना है कि वित्त विभाग द्वारा कर्मचारियों का जरूरी डेटा जुटा लेने के बावजूद, इसे लागू करने में देरी हो रही है।
कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें डेटा के तुरंत सत्यापन और अंतिम आदेश जारी करने की मांग की गई है, ताकि पात्र कर्मचारी नई पेंशन योजना (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जा सकें।
SAKP के अध्यक्ष कुमुद कुमार कटाकी और महासचिव प्रणबज्योति भुइयां ने कहा कि यह बदलाव केंद्र सरकार के 17 फरवरी 2020 के कार्यालय ज्ञापन और असम वित्त विभाग के 28 मार्च 2025 के निर्देश के अनुरूप है।
संगठन द्वारा बताए गए नियमों के अनुसार, जिन कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया जनवरी 2005 से पहले शुरू हुई थी, वे पुरानी पेंशन योजना चुनने के पात्र हैं।
परिषद ने बताया कि वित्त विभाग ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से जानकारी पहले ही जुटा ली है, लेकिन अभी तक इसे पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है।
परिषद ने सरकार से बिना किसी और देरी के कदम उठाने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि जिन कर्मचारियों ने दशकों तक राज्य की सेवा की है, उन्हें अपने रिटायरमेंट लाभों को लेकर अनिश्चितता में नहीं रखा जाना चाहिए।
इसके अलावा, SAKP ने उन लोगों को अपने केस वापस लेने के लिए तीन महीने की समय-सीमा दी है, जो संगठन के खिलाफ कानूनी विवादों में शामिल हैं।
यह निर्णय 1 नवंबर 2026 को परिषद की केंद्रीय कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया। संगठन ने इन लोगों को तीन महीने के भीतर बिना किसी शर्त के अपने सभी लंबित मामले वापस लेने का मौका दिया है।
SAKP के प्रवक्ता शैलेंद्र पांडे ने कहा कि संगठन सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ अपने भीतर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
कटाकी और भुइयां ने बताया कि केंद्रीय कार्यकारी समिति ने अध्यक्ष और महासचिव को यह अधिकार दिया है कि अगर संबंधित लोग तय समय के भीतर अपने केस वापस नहीं लेते हैं, तो वे सभी लंबित कानूनी कार्यवाही को उनके अंतिम निष्कर्ष तक ले जाएं।
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