Nagaon नागांव: ताई अहोम उन्नयन परिषद द्वारा असम सरकार के सहयोग से नागांव चापानाला के चंपावती सभागार में दस दिवसीय ताई-अहोम नृत्य-संगीत कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन वरिष्ठ पत्रकार अजय महतो ने किया। अपने भाषण में उन्होंने ताई-अहोम के इतिहास को याद करते हुए कहा कि देश के लिए समर्पण की भावना अहोम जाति से सीखनी चाहिए और इसका उदाहरण वीर लाचित बरफुकन हैं। महतो ने कहा कि किसी भी जाति का विकास उसकी भाषा, कला और संस्कृति के विकास से होता है। बैठक की अध्यक्षता ताई अहोम उन्नयन परिषद के ईएम रिंकू बोरा ने की। उन्होंने कहा कि ताई अहोम नृत्य और संगीत आज लगभग लुप्त हो रहे हैं और हमारे लोग अपनी कला-संस्कृति परंपरा से वंचित न रहें, इसी उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई है। उल्लेखनीय है कि इस कार्यशाला में सौ से अधिक ताई अहोम बच्चों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया और अपनी परंपरा के बारे में जाना। इस बैठक में बड़ी संख्या में ताई-अहोम जाति के लोगों के साथ-साथ नगांव बार एसोसिएशन के मुख्य सचिव और वरिष्ठ वकील जयंत बोरदलाई, एटीएएसयू नगांव जिला समिति के सदस्य भी उपस्थित थे।