विजयवाड़ा: 20-सूत्रीय कार्यक्रम (विकसित भारत-स्वर्ण AP) के कार्यान्वयन के चेयरमैन लंका दिनकर ने 8 अक्टूबर को हुई 57वीं GST काउंसिल की बैठक में टैक्सपेयर-फ्रेंडली सिफारिशों का स्वागत किया है। उन्होंने इसे 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' (कारोबार में आसानी) को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम बताया है।

दिनकर ने कहा कि प्रस्तावित सुधारों से टैक्स सिस्टम में सख्ती के बजाय भरोसे पर आधारित अनुपालन, पारदर्शिता और टैक्सपेयर की सुविधा की ओर बदलाव आया है। मुख्य उपायों में गिरफ्तारी के प्रावधानों को हटाना, मुकदमा चलाने की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करना, सामान्य जुर्माना 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये करना और 'शो-कॉज़ नोटिस' के लिए 10,000 रुपये की प्रस्तावित सीमा तय करके कम मूल्य वाले कानूनी विवादों को सीमित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि तेज़ी से रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट के बढ़े हुए प्रावधान, इंटेलिजेंस-आधारित ट्रांज़िट निरीक्षण और योग्य छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए आसान GST रजिस्ट्रेशन से MSME, स्टार्टअप, व्यापारियों और उद्यमियों को फ़ायदा होगा।

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