विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री फ़ेडरेशन (AP चैंबर्स) ने 57वीं GST काउंसिल मीटिंग की सिफ़ारिशों का स्वागत किया है। उन्होंने इसे नियमों का पालन आसान बनाने, जुर्माना कम करने और 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' (कारोबार करने में आसानी) को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

शुक्रवार को एक बयान में, AP चैंबर्स के प्रेसिडेंट पोटलुरी भास्कर राव ने कहा कि प्रस्तावित सुधारों से खास तौर पर माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज़ेज़ (MSME) को फ़ायदा होगा। उन्होंने गिरफ़्तारी के प्रावधानों को हटाने, प्रॉसिक्यूशन (मुकदमा चलाने) की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने, सामान्य जुर्माने को 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये करने और 'शो-कॉज़ नोटिस' जारी करने के लिए 10,000 रुपये की सीमा तय करने का स्वागत किया।

राव ने GST रिफ़ंड में तेज़ी लाने के उपायों की भी तारीफ़ की, जिनमें देरी वाले मामलों में 'डीम्ड एकनॉलेजमेंट' (मान ली गई मंज़ूरी), कैश-लेजर बैलेंस में ज़्यादा रकम का ऑटोमैटिक रिफ़ंड और योग्य रिफ़ंड दावों की 90 प्रतिशत राशि की प्रोविज़नल मंज़ूरी शामिल है। उन्होंने कहा कि इन कदमों से बिज़नेस में कैश फ़्लो बेहतर होगा। उन्होंने एम्प्लॉई इंश्योरेंस, आउटडोर कैटरिंग, टेलीकॉम टावर, पाइपलाइन, फ़्री सैंपल और कानूनी तौर पर नष्ट किए गए सामान जैसे क्षेत्रों में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) फ़ायदों के प्रस्तावित विस्तार का स्वागत किया। रजिस्ट्रेशन की आसान प्रक्रिया और इंटेलिजेंस-बेस्ड इंस्पेक्शन से भी बिज़नेस को और मदद मिलेगी।

हालांकि, भास्कर राव ने GST काउंसिल से फ़ूड प्रोसेसिंग, फ़्रूट-पल्प-बेस्ड बेवरेज, हॉस्पिटैलिटी, टेक्सटाइल और गारमेंट जैसे सेक्टर में टैक्स दरों को तर्कसंगत बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कम GST दरों से किसानों को मदद मिलेगी, इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा, बर्बादी कम होगी और इंडस्ट्री की ग्रोथ मज़बूत होगी, साथ ही रोज़गार और टूरिज़्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

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