Yoga:नहीं पड़ेंगे बीमार, आज से ही अपना लें ये दो योगासन

Update: 2025-12-31 04:37 GMT
Yoga: योग कोई ट्रेंड नहीं, हजारों साल पुरानी भारतीय जीवन-पद्धति है। इसमें सैकड़ों आसन हैं, लेकिन अगर आप रोज सिर्फ दो योगासन ईमानदारी से कर लें, तो इम्यूनिटी, पाचन, हार्मोन, तनाव और नींद सब अपने आप संतुलन में आने लगते हैं। अगर आप इन दो आसनों को भी नहीं कर सकते, तो बीमार पड़ने के लिए सिस्टम को दोष न दें। दवा बीमारी दबाती है, योग बीमारी की जड़ काटता है। 2026 को अस्पतालों में नहीं, सेहतमंद तरीके से बिताना है तो आज से ही इन दो योगासनों का अभ्यास शुरू कर दें।
भुजंगासन:
यह आसन रोगों की जड़ पर सीधा प्रहार करता है। भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को जाग्रत करता है। यह आसन शरीर की ऊर्जा को ऊपर उठाता है और अंदर जमी सुस्ती को बाहर निकालता है। इसके अभ्यास के कई फायदे हैं जैसे,
पाचन तंत्र मजबूत होता है।
फेफड़े और हृदय बेहतर काम करते हैं।
हार्मोनल असंतुलन कम होता है।
कमर दर्द, गैस, एसिडिटी में राहत देता है।
इम्यून सिस्टम एक्टिव होता है।
भुजंगासन का अभ्यास कैसे करें?
पेट के बल लेटकर हथेलियां कंधों के पास रखें। सांस लेते हुए छाती ऊपर उठाएं। नाभि जमीन से लगी रहे। 15–30 सेकंड इस मुद्रा में रुकें।
वज्रासन:
यह एकमात्र आसन है जो खाने के बाद भी किया जा सकता है। वज्रासन को आयुर्वेद में “पाचन का आसन” कहा गया है। यह पेट से जुड़ी लगभग हर बीमारी को धीरे-धीरे खत्म करने की क्षमता रखता है। इसके अभ्यास के फायदे हैं,
गैस, अपच, एसिडिटी खत्म
डायबिटीज और मोटापा कंट्रोल
मानसिक शांति और फोकस बढ़ता है
घुटनों और पैरों में मजबूती
वज्रासन का अभ्यास कैसे करें?
इस आसन के अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठें। पंजे पीछे रहें और रीढ़ सीधी रखें। 5–10 मिनट तक इसी मुद्रा में बैठें।
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