Yoga: यदि आप भी अपने जीवन में कुछ इसी तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं तो आपको प्राण योग का अभ्यास करना चाहिए। इस योग का नियमित अभ्यास आपकी सभी समस्याओं को दूर करने में मदद करेगा और आपके जीवन को खुशमय बनाएगा। आइए जानते हैं इस योग के बारे में विस्तार से...
प्राण योग को करते समय शरीर में अग्नि और कंपन दोनों होते हैं, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। इस योग के अभ्यास करने से व्यक्ति को सुखद आनंद की अनुभूती होती है और उसका मन खुश रहता है। प्राण योग को खुशी और तनावमुक्त जीवन का मूल मंत्र कहा जाता है। इसके नियमित अभ्यास से स्वास्थ्य संबंधी कई विकार दूर होते हैं।
प्राण योग करने की विधि:
प्राण योग करने के लिए जमीन पर चटाई बिछाकर सुखासन या वज्रासन मुद्रा में बैठ जाएं। इस अभ्यास को कभी भी खड़े होकर नहीं करते हैं। चटाई पर बैठने के बाद अपने शरीर को बिना किसी तनाव में रखकर आराम से लंबी सांस भरें और लंबी सांस छोड़ें। हर सांस के साथ आप ओम का उच्चारण करते रहें, जिससे आध्यात्मिक शांति और शारीरिक रूप से लाभ मिलेगा। ध्यान रहे अगर आपको उच्च रक्तचाप की शिकायत है तो डॉक्टर से सलाह लिए बिना इसका अभ्यास न करें।
प्राण योग के करने से कब्ज, व ऐसिडिटी जैसी पेट की सभी समस्याऐं दूर हो जाती हैं।
इस योगा के नियमित अभ्यास से डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है।
प्राण योग त्वचा व बालों के साथ महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द में भी मददगार है।
प्राण योग के करने से व्यक्ति तनावमुक्त रहता है, जिससे उसका मन खुश रहता है।
इस योग के अभ्यास से सकारात्मक विचार आते हैं और मन की एकाग्रता बढ़ती है।