Yoga For Heart: कार्डियक अरेस्ट को रोकने के लिए करें ये पांच आसान योगासन

Update: 2025-06-30 10:36 GMT
Yoga For Heart: हृदय रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और युवाओं में भी यह खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में, योगासन एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है जिससे हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है। हृदय रोग कोई उम्र नहीं देखता, लेकिन समय रहते की गई देखभाल आपका जीवन बचा सकती है।
वहीं योगासन सिर्फ एक्सरसाइज नहीं, यह एक जीवनशैली है जो हृदय को मजबूत बनाता है, मन को शांत करता है और शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है। योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है। नियमित योग अभ्यास से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और हार्ट बीट नियंत्रित रहती है, जिससे कार्डियक अरेस्ट का खतरा घटता है। हर दिन कुछ मिनट योगासन करके आप अपने हृदय को स्वस्थ रख सकते हैं और हृदय रोगों के खतरे से बचाव कर सकते हैं। यहां दिल का दौरा पड़ने या कार्डियक अरेस्ट से बचाव करने और दिल की सेहत को बेहतर बनाने के लिए कुछ प्रभावी योगासनों के बारे में बताया जा रहा है।
हृदय रोग से बचने के लिए योग:
अनुलोम-विलोम प्राणायाम:
इस प्राणायाम के अभ्यास के लिए आराम से बैठकर एक नथुने से सांस लें और दूसरे से बाहर निकालें। फिर क्रम उल्टा करें। अनुलोम विलोम का अभ्यास सुबह खाली पेट 10 से 15 मिनट करना चाहिए। यह प्राणायाम नसों को शांत करता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है।
भस्त्रिका प्राणायाम :
दिल को मजबूत बनाने के लिए भस्त्रिका प्राणायाम भी असरदार है। इसका अभ्यास फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है और ऑक्सीजन का फ्लो भी बढ़ाता है। अभ्यास के लिए रोजाना सुबह तीन या पांच मिनट नाक से गहरी और तेज सांस लें और छोड़ें।
इस आसन में शरीर की मुद्रा ब्रिज की तरह हो जाती है। अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और कमर को ऊपर उठाएं। रोजाना सेतुबंधासन के अभ्यास के लिए दो से तीन मिनट के तीन सेट अभ्यास करें। यह आसन दिल और फेफड़ों को खोलता है, साथ ही तनाव घटाता है।
बालासन:
हृदय रोग के जोखिम से बचने के लिए रोजाना दो से तीन मिनट बालासन का अभ्यास किया जा सकता है। इस आसन के अभ्यास के लिए वज्रासन में बैठकर आगे झुकें और माथा जमीन पर रखें। यह आसन तनाव और एंग्जायटी घटाने में सहायक है और हार्ट रेट को शांत करता है।
शवासन:
रोजाना योगासन के अभ्यास के बाद 10 मिनट शवासन की मुद्रा को अपनाना चाहिए। शवासन करने के लिए पीठ के बल लेटकर पूरा शरीर ढीला छोड़ दें। इस आसन का अभ्यास शरीर और मन को डी-टॉक्स करता है और हार्ट को रिलैक्स करता है।
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