केला हमेशा मुड़ा क्यों होता है? जानें इसके पीछे का विज्ञान

Update: 2025-08-22 17:28 GMT

lifestyle लाइफस्टाइल:  केला स्वाद में मीठा और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और इसमें कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं, जैसे पोटैशियम, विटामिन बी6 और विटामिन C। इस वजह से इसे सुपरफूड कहा जाता है। कई लोग सुबह नाश्ते में या शाम को ऊर्जा बढ़ाने के लिए केला खाते हैं। लेकिन अक्सर लोगों को यह सवाल परेशान करता है कि केले का आकार हमेशा थोड़े मुड़े या टेढ़े-मेढ़े क्यों होता है। इसका विज्ञान बहुत रोचक है। केले के फल सूर्य की रोशनी की ओर बढ़ते हैं। जब केले पेड़ पर बढ़ते हैं, तो उनका वक्रीकरण ग्रेविटी (गुरुत्वाकर्षण) और प्रकाश की दिशा के कारण होता है।

केला फलते समय उपरी सतह पर सूरज की रोशनी की ओर झुकता है और नीचे की सतह गुरुत्वाकर्षण के विपरीत दिशा में बढ़ती है। इस प्रक्रिया को थिग्मोट्रोपिज़्म और फोटोट्रॉपिज़्म कहते हैं। यही कारण है कि केला ऊपर की ओर मुड़ता है और उसका आकार टेढ़ा या वक्री दिखाई देता है। इसके अलावा, केले की बढ़ती ऊपरी सतह तेज़ी से बढ़ती है, जबकि निचली सतह धीरे बढ़ती है, जिससे फल का वक्री आकार बनता है। इस प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण केला ना केवल स्वादिष्ट बल्कि देखने में भी खास लगता है।

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