लाइफ स्टाइल : गणेश उत्सव में भगवान गणेश की पूजा के साथ उनके भोग का भी खास महत्व होता है। गणपति बप्पा को मोदक बेहद प्रिय माने जाते हैं, इसलिए गणेश चतुर्थी से लेकर विसर्जन तक भक्त अलग-अलग तरह के मोदक बनाकर उन्हें अर्पित करते हैं। आमतौर पर नारियल और गुड़ की स्टफिंग वाले पारंपरिक मोदक बनाए जाते हैं, लेकिन अगर आप इस बार बप्पा के भोग में हर दिन कुछ नया रखना चाहते हैं तो मोदक के स्वाद और बनाने के तरीके में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं।
आजकल पारंपरिक उकडीचे मोदक के अलावा चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स, केसर-पिस्ता और मावा जैसी कई वैरायटी लोकप्रिय हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई मोदक आसानी से घर पर तैयार किए जा सकते हैं। आइए जानते हैं मोदक की 7 ऐसी वैरायटी के बारे में, जिन्हें गणपति बप्पा के भोग में शामिल किया जा सकता है।
1. उकडीचे मोदक
महाराष्ट्र में गणेश उत्सव के दौरान सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले मोदक में उकडीचे मोदक शामिल हैं। इन्हें पारंपरिक रूप से चावल के आटे से तैयार किया जाता है। अंदर की स्टफिंग के लिए कद्दूकस किया हुआ नारियल और गुड़ इस्तेमाल होता है। इसमें इलायची भी मिलाई जा सकती है।
चावल के आटे को गर्म पानी में पकाकर मुलायम आटा तैयार किया जाता है। फिर इसकी छोटी लोई बनाकर उसमें नारियल-गुड़ की स्टफिंग भरी जाती है। मोदक का आकार देने के बाद इन्हें भाप में पकाया जाता है।
भाप में बनने के कारण इनमें तेल का इस्तेमाल बहुत कम या बिल्कुल नहीं होता। गर्म उकडीचे मोदक पर थोड़ा घी डालकर भोग लगाया जा सकता है। पारंपरिक स्वाद पसंद करने वालों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है।
2. मावा मोदक
अगर कम समय में स्वादिष्ट मोदक तैयार करना चाहते हैं तो मावा मोदक बनाए जा सकते हैं। इन्हें खोया या मावा और चीनी की मदद से तैयार किया जाता है। स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची पाउडर, बादाम और पिस्ता मिलाया जा सकता है।
मावा को धीमी आंच पर हल्का भून लें। इसके बाद इसमें स्वादानुसार चीनी मिलाकर मिश्रण को कुछ देर पकाएं। मिश्रण ठंडा होने पर मोदक के सांचे में भरकर आकार दें।
मावा मोदक बेहद मुलायम और स्वादिष्ट होते हैं। चाहें तो इनमें केसर भी मिलाया जा सकता है। हालांकि दूध से बने होने के कारण इन्हें लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखने से बचना चाहिए और ताजा ही इस्तेमाल करना बेहतर है।
3. चॉकलेट मोदक
बच्चों को गणेश उत्सव के भोग और प्रसाद से जोड़ना चाहते हैं तो चॉकलेट मोदक एक मजेदार विकल्प हो सकता है। पारंपरिक मोदक को आधुनिक स्वाद देने वाली यह वैरायटी बच्चों के बीच खास तौर पर पसंद की जाती है।
इसे बनाने के लिए चॉकलेट, मिल्क पाउडर या मावा का इस्तेमाल किया जा सकता है। पिघली हुई चॉकलेट को मोदक के सांचे में डालकर अंदर ड्राई फ्रूट्स की छोटी स्टफिंग भी भरी जा सकती है।
अगर भोग के लिए चॉकलेट मोदक बना रहे हैं तो अपनी धार्मिक और पारिवारिक परंपरा के अनुसार सामग्री का चुनाव करें। इसके बाद इन्हें प्रसाद के रूप में बच्चों और परिवार के सदस्यों के बीच बांटा जा सकता है।
4. ड्राई फ्रूट मोदक
ड्राई फ्रूट मोदक स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक सामग्री से भी तैयार किए जा सकते हैं। इनमें बादाम, काजू, पिस्ता, अखरोट, किशमिश और खजूर जैसी चीजें इस्तेमाल की जा सकती हैं।
इन्हें बनाने के लिए ड्राई फ्रूट्स को हल्का भूनकर दरदरा पीस लें। खजूर को पीसकर मिश्रण को बांधने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे अतिरिक्त चीनी की जरूरत भी कम हो सकती है। तैयार मिश्रण को मोदक के सांचे में दबाकर आसानी से आकार दिया जा सकता है।
ड्राई फ्रूट मोदक उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकते हैं जो मिठाई में अलग स्वाद चाहते हैं। हालांकि ड्राई फ्रूट्स कैलोरी में अधिक हो सकते हैं, इसलिए इन्हें संतुलित मात्रा में खाना बेहतर है।
5. केसर-पिस्ता मोदक
गणपति बप्पा के भोग को खास बनाना चाहते हैं तो केसर-पिस्ता मोदक बनाए जा सकते हैं। इनका स्वाद और खुशबू दोनों खास होते हैं। इन्हें मावा, दूध, केसर और पिस्ता की मदद से बनाया जा सकता है।
सबसे पहले थोड़े गर्म दूध में केसर भिगो दें। इसके बाद मावा को धीमी आंच पर भूनें और उसमें केसर वाला दूध मिलाएं। स्वाद के अनुसार चीनी डालें और मिश्रण को गाढ़ा होने तक पकाएं। आखिर में कटे हुए पिस्ते डालें।
मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे मोदक के सांचे में भरें। ऊपर से पिस्ते के टुकड़ों से सजाया जा सकता है। त्योहार के दौरान मेहमानों को प्रसाद देने के लिए भी यह खूबसूरत विकल्प है।
6. नारियल मोदक
नारियल से बनने वाले मोदक बेहद आसान और स्वादिष्ट होते हैं। इन्हें ताजा नारियल या सूखे नारियल दोनों से तैयार किया जा सकता है। नारियल के साथ गुड़ या चीनी मिलाकर इसका बेस तैयार किया जाता है।
एक पैन में कद्दूकस किया हुआ नारियल और गुड़ डालकर धीमी आंच पर पकाएं। गुड़ पिघलने के बाद मिश्रण गाढ़ा होने लगेगा। इसमें इलायची पाउडर मिलाएं। मिश्रण हल्का ठंडा होने के बाद मोदक का आकार दें।
इसमें काजू, बादाम या किशमिश भी मिलाई जा सकती है। गुड़ और नारियल का स्वाद इसे पारंपरिक मिठाई जैसा एहसास देता है।
7. गुलकंद मोदक
अगर इस गणेश उत्सव में बिल्कुल अलग स्वाद आजमाना चाहते हैं तो गुलकंद मोदक बनाए जा सकते हैं। गुलकंद की खुशबू और मिठास मोदक को एक अलग स्वाद देती है।
इसके लिए मावा या नारियल से बाहरी हिस्सा तैयार किया जा सकता है और बीच में थोड़ी मात्रा में गुलकंद की स्टफिंग भरी जा सकती है। गुलकंद पहले से मीठा होता है, इसलिए मिश्रण में चीनी की मात्रा कम रखना बेहतर है।
मोदक को और आकर्षक बनाने के लिए ऊपर से बारीक कटे पिस्ते या बादाम लगाए जा सकते हैं। गुलाब की खुशबू पसंद करने वालों को यह वैरायटी खास पसंद आ सकती है।
हर दिन बप्पा को लगाएं अलग भोग
गणेश उत्सव कई दिनों तक मनाया जाता है। ऐसे में भक्त हर दिन अलग-अलग मिठाई और पकवान का भोग लगाते हैं। एक दिन पारंपरिक उकडीचे मोदक तो दूसरे दिन मावा या ड्राई फ्रूट मोदक बनाए जा सकते हैं। इसी तरह चॉकलेट, नारियल, केसर-पिस्ता और गुलकंद मोदक के जरिए हर दिन भोग में नई वैरायटी शामिल की जा सकती है।
भोग तैयार करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार सामग्री चुनें। दूध और मावा से बने मोदक को ज्यादा देर बाहर न रखें। अगर पहले से बनाकर रख रहे हैं तो उन्हें सही तरीके से रेफ्रिजरेट करना जरूरी है।
गणेश उत्सव में मोदक केवल एक मिठाई नहीं बल्कि आस्था और उत्सव की परंपरा का हिस्सा हैं। पारंपरिक स्वाद को बनाए रखते हुए नई वैरायटी आजमाकर इस बार गणपति बप्पा के भोग को हर दिन खास बनाया जा सकता है।