Kheer Recipe:  नवरात्रि के दौरान घर में कुछ मीठा बनाने की तैयारी हो और पारंपरिक खीर से अलग स्वाद चाहिए, तो कैरेमल राइस खीर अच्छा विकल्प हो सकती है। इसमें चावल और दूध की मलाईदार बनावट के साथ कैरेमल की हल्की खुशबू मिलती है। सामान्य चावल की खीर में चीनी सीधे मिलाई जाती है, जबकि इस रेसिपी में उसका कुछ हिस्सा सुनहरा करके इस्तेमाल होता है। यही छोटा बदलाव खीर को अलग रंग और स्वाद देता है। इसे त्योहार के दौरान परिवार के लिए तैयार किया जा सकता है।
इस खीर की खासियत इसकी सरल सामग्री है। इसे बनाने के लिए एक चौथाई कप बासमती चावल, एक लीटर फुल क्रीम दूध और आधा कप चीनी की जरूरत होगी। मिठास के अनुसार चीनी की मात्रा कम रख सकते हैं। साथ में दो से तीन हरी इलायची, आठ से दस बादाम, आठ से दस काजू और एक बड़ा चम्मच घी लें। केसर के कुछ धागे वैकल्पिक हैं। कैरेमल बनाने के लिए चीनी इसी निर्धारित मात्रा में से निकालें, ताकि खीर जरूरत से ज्यादा मीठी न हो।
तैयारी की शुरुआत चावल धोने से करें। चावल को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर लगभग 20 से 30 मिनट भिगो दें। इसके बाद पानी निकालकर चावल अलग रख लें। बादाम और काजू को छोटे टुकड़ों में काटें। इलायची के दाने निकालकर हल्का कूट लें। केसर इस्तेमाल करना हो, तो उसे थोड़े से गुनगुने दूध में भिगोकर रखें। सारी सामग्री पहले तैयार होने से पकाते समय आसानी होगी। खासकर कैरेमल बनाते हुए दूसरी तैयारी में व्यस्त होने की जरूरत नहीं पड़ेगी और चीनी के रंग पर ध्यान रहेगा।
अब मोटे तले वाले बर्तन में एक लीटर दूध डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें और भीगे हुए चावल डालें। चावल को दूध में धीरे-धीरे पकने दें। बीच-बीच में चम्मच बर्तन के तले तक चलाते रहें, जिससे चावल चिपकें नहीं। दूध को बिना ध्यान दिए पकने के लिए न छोड़ें, क्योंकि वह उफन सकता है। बर्तन के किनारों पर जमा मलाई को खीर में मिलाते जाएं। इससे मिश्रण एकसार होगा और मलाईदार बनावट तैयार होने लगेगी।
चावल नरम होने तक खीर को धीमी आंच पर पकाएं। इसमें लगभग 25 से 35 मिनट लग सकते हैं, लेकिन समय बर्तन, आंच और चावल के अनुसार बदलता है। एक दाना निकालकर उसकी नरमी जांच लें। दाना सख्त हो, तो कुछ देर और पकाएं। दूध बहुत कम होने लगे और चावल अभी न पके हों, तो थोड़ा गर्म दूध मिलाया जा सकता है। कैरेमल डालने से पहले चावल का अच्छी तरह पकना जरूरी है। खीर को लगातार उबालने के बजाय हल्की आंच पर पकाना सुविधाजनक रहेगा।
कैरेमल के लिए आधा कप चीनी में से लगभग तीन बड़े चम्मच एक अलग पैन में डालें। धीमी से मध्यम आंच पर चीनी पिघलने दें। जरूरत के अनुसार पैन को हल्का घुमाएं, जिससे चीनी समान रूप से पिघले। रंग हल्का सुनहरा होने लगे, तो ध्यान रखें। बहुत गहरा भूरा होने पर स्वाद कड़वा हो सकता है। सही सुनहरा रंग आते ही आंच बंद करें। इस चरण में पैन के पास बने रहें, क्योंकि पिघली चीनी का रंग तेजी से बदल सकता है और कैरेमल जल सकता है।
अब पकी खीर में से थोड़ा गर्म दूध लेकर कैरेमल में धीरे-धीरे मिलाएं। गर्म चीनी में दूध डालने पर मिश्रण उबल सकता है और छींटे उठ सकते हैं। इसलिए चेहरा दूर रखें तथा दूध थोड़ा-थोड़ा डालें। कैरेमल सख्त होकर गांठ बने, तो हल्की आंच पर सावधानी से चलाते हुए उसे घुलने दें। मिश्रण चिकना हो जाने पर चावल वाली खीर में मिला दें। बची हुई चीनी स्वाद के अनुसार डालें। खीर को हल्के हाथ से चलाएं, ताकि कैरेमल पूरे दूध में समान रूप से मिल जाए।
एक छोटे पैन में एक बड़ा चम्मच घी गर्म करें। कटे बादाम और काजू डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। इन्हें ज्यादा देर भूनकर गहरा न करें। अधिकांश मेवे खीर में मिलाएं और थोड़ा हिस्सा सजाने के लिए बचा लें। कुटी इलायची तथा केसर वाला दूध भी डाल दें। कुछ मिनट धीमी आंच पर पकाकर मिश्रण की बनावट देखें। खीर बहुत गाढ़ी लगे, तो थोड़ा गर्म दूध मिलाएं। मिठास जांचने के लिए छोटा हिस्सा चम्मच में निकालकर पहले ठंडा होने दें, फिर स्वाद देखें और जरूरत अनुसार चीनी मिलाएं।
तैयार खीर को आंच से उतारकर कटोरियों में निकालें और ऊपर से बचे मेवे डालें। इसे हल्का गर्म या ठंडा परोस सकते हैं। ध्यान रखें कि ठंडी होने पर खीर और गाढ़ी होती है, इसलिए पकाते समय उसे जरूरत से ज्यादा न गाढ़ा करें। ठंडा परोसना हो, तो भाप कम होने के बाद ढककर फ्रिज में रखें। दूध से बनी खीर को लंबे समय तक बाहर छोड़ने से बचें। परोसते समय साफ चम्मच इस्तेमाल करें और पूरी खीर को बार-बार गर्म करने के बजाय आवश्यक हिस्सा निकालें।
नवरात्रि में यह खीर त्योहार की मिठाई के रूप में बनाई जा सकती है। हालांकि, सामान्य बासमती चावल का इस्तेमाल हर परिवार के व्रत नियमों में स्वीकार नहीं होता। इसलिए व्रत रखने वालों के लिए बनाने से पहले अपनी परंपरा के अनुसार सामग्री जांच लें। इस रेसिपी में सबसे जरूरी बात कैरेमल को जलने से बचाना, चावल अच्छी तरह पकाना और मिठास संतुलित रखना है। केसर न हो, तो इलायची और मेवों के साथ भी खीर तैयार होगी। सुनहरा कैरेमल पारंपरिक चावल की खीर में नया स्वाद जोड़ देगा।
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