Lifestyle लाइफस्टाइल : मूंग दाल में मिलावट की पहचान ऐसे करें, पानी की जांच से मिल सकते हैं शुरुआती संकेत

मूंग दाल भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है। प्रोटीन से भरपूर होने के कारण इसका इस्तेमाल हर घर में किया जाता है। लेकिन बाजार में बढ़ती मिलावट की शिकायतों के बीच दाल की गुणवत्ता को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ रही है। कई बार दाल में कृत्रिम रंग, खराब गुणवत्ता वाले बीज या दूसरी चीजों की मिलावट की आशंका जताई जाती है। ऐसे में खरीदारी करते समय सतर्क रहना जरूरी है।

खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार, घर पर कुछ आसान तरीकों से मूंग दाल की गुणवत्ता को लेकर शुरुआती जांच की जा सकती है। हालांकि इन तरीकों से केवल अंदाजा लगाया जा सकता है, मिलावट की पूरी पुष्टि केवल प्रयोगशाला जांच के जरिए ही संभव होती है।

पानी में डालकर करें शुरुआती जांच

मूंग दाल की जांच के लिए सबसे आसान तरीका पानी का इस्तेमाल करना है। इसके लिए थोड़ी सी दाल लेकर उसे एक साफ गिलास या कटोरी में पानी के साथ डालें। कुछ समय तक दाल को पानी में रहने दें और बदलावों पर ध्यान दें।

अगर पानी का रंग तेजी से बदलने लगे या उसमें किसी तरह का रंग घुलता दिखाई दे तो यह कृत्रिम रंग की मिलावट का संकेत हो सकता है। कई बार दाल को चमकदार दिखाने के लिए उसमें रंगों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे ग्राहक आकर्षित हों।

दाल से रंग छूटना भी हो सकता है संकेत

असली और अच्छी गुणवत्ता वाली मूंग दाल सामान्य रूप से पानी में अपना रंग नहीं छोड़ती। अगर दाल को भिगोने पर पानी पीला, हरा या किसी अन्य रंग का हो जाता है और दाल का रंग फीका पड़ने लगता है, तो सावधानी बरतनी चाहिए।

हालांकि कुछ प्राकृतिक कारणों से भी हल्का रंग पानी में आ सकता है, इसलिए केवल इस एक परीक्षण के आधार पर दाल को पूरी तरह नकली नहीं माना जा सकता।

असामान्य चमक से रहें सतर्क

बाजार में कई बार दाल को ज्यादा आकर्षक दिखाने के लिए उस पर कृत्रिम पॉलिश या रंग की परत चढ़ाने की शिकायतें सामने आती हैं। अगर मूंग दाल जरूरत से ज्यादा चमकदार दिखाई दे या उसकी सतह सामान्य से अलग लगे तो उसे ध्यान से जांचना चाहिए।

प्राकृतिक मूंग दाल में एक सामान्य चमक होती है, लेकिन बहुत ज्यादा चमक मिलावट की ओर इशारा कर सकती है।

दाल खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

मूंग दाल खरीदते समय कुछ सावधानियां बरतकर मिलावट के खतरे को कम किया जा सकता है। हमेशा भरोसेमंद दुकान या ब्रांड से दाल खरीदें। पैकेट वाली दाल लेते समय पैकिंग की तारीख, एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता संबंधी जानकारी जरूर देखें।

खुली दाल खरीदते समय उसके रंग, आकार और खुशबू पर ध्यान दें। अगर दाल के दाने बहुत ज्यादा चमकीले, अलग-अलग रंग के या असामान्य दिखाई दें तो उसे खरीदने से बचना बेहतर है।

मिलावट से स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर

मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कृत्रिम रंग या खराब गुणवत्ता वाले पदार्थ शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए ऐसी चीजें ज्यादा जोखिम पैदा कर सकती हैं।

इसी वजह से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जागरूक रहना जरूरी है। घर में इस्तेमाल होने वाली दाल, मसाले और अन्य जरूरी चीजों की समय-समय पर जांच करते रहना बेहतर विकल्प हो सकता है।

प्रयोगशाला जांच से ही होती है पक्की पुष्टि

घर पर किए जाने वाले पानी टेस्ट या अन्य घरेलू तरीके केवल शुरुआती संकेत देते हैं। अगर किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट का गंभीर संदेह हो तो उसकी जांच मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में करानी चाहिए। वहीं यह स्पष्ट हो सकता है कि दाल में किसी तरह की मिलावट मौजूद है या नहीं।

मूंग दाल जैसी रोजमर्रा की खाद्य सामग्री खरीदते समय थोड़ी सावधानी बरतकर उपभोक्ता अपने परिवार के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं। सही गुणवत्ता वाली दाल न केवल स्वाद बेहतर बनाती है, बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी प्रदान करती है।

Tags: