सी बकथॉर्न क्या है आयुर्वेद में बताए गए इसके चमत्कारी फायदे जानें
बकथॉर्न इम्यूनिटी से त्वचा तक फायदे
नई दिल्ली: पहाड़ी और ठंडे इलाकों में पाया जाने वाला सी बकथॉर्न (Sea Buckthorn) एक छोटा नारंगी रंग का फल है, जिसे पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। भारत में यह विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके फल, बीज और उनसे निकलने वाले तेल का इस्तेमाल भोजन, पारंपरिक उपचार और कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता है।
सी बकथॉर्न में विटामिन C, विटामिन E, कैरोटेनॉयड्स, फ्लेवोनॉयड्स और विभिन्न फैटी एसिड पाए जाते हैं। इसी वजह से पिछले कुछ वर्षों में इसके जूस, तेल और सप्लीमेंट की लोकप्रियता बढ़ी है।
आयुर्वेद में सी बकथॉर्न का स्थान
सी बकथॉर्न को आधुनिक बाजार में अक्सर 'आयुर्वेदिक सुपरफूड' के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि इसका उल्लेख चरक संहिता और सुश्रुत संहिता जैसे प्रमुख शास्त्रीय आयुर्वेदिक ग्रंथों में उसी प्रमुखता से नहीं मिलता, जैसी आंवला या अश्वगंधा जैसी औषधियों की मिलती है।
हालांकि हिमालय और तिब्बती क्षेत्रों की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसके इस्तेमाल का लंबा इतिहास बताया जाता है। आज आयुर्वेद से जुड़े कई उत्पादों में भी सी बकथॉर्न का उपयोग किया जा रहा है।
सी बकथॉर्न के संभावित फायदे
इस फल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। इसके तेल का इस्तेमाल विशेष रूप से त्वचा की नमी बनाए रखने वाले उत्पादों में किया जाता है।
कुछ शोधों में सी बकथॉर्न को त्वचा और म्यूकस मेम्ब्रेन की सेहत, लिपिड प्रोफाइल तथा सूजन से जुड़े संकेतकों पर संभावित प्रभावों के लिए अध्ययन किया गया है। हालांकि इनमें से कई फायदों की पुष्टि के लिए अभी बड़े और उच्च गुणवत्ता वाले मानव अध्ययनों की जरूरत है।
त्वचा और बालों के लिए इस्तेमाल
सी बकथॉर्न ऑयल कई स्किन और हेयर केयर प्रोडक्ट में पाया जाता है। इसमें मौजूद विटामिन E और फैटी एसिड के कारण इसे मॉइस्चराइजिंग उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को सीधे तेल लगाने से पहले पैच टेस्ट करना चाहिए। किसी त्वचा रोग का इलाज केवल इसके भरोसे नहीं करना चाहिए।
कैसे किया जाता है इस्तेमाल?
सी बकथॉर्न बाजार में जूस, पल्प, तेल, कैप्सूल और पाउडर जैसे कई रूपों में उपलब्ध है। खाद्य उत्पाद के रूप में इसे सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। सप्लीमेंट की सही मात्रा उत्पाद की सांद्रता और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है, इसलिए कोई एक खुराक सभी के लिए सही नहीं मानी जा सकती।
सी बकथॉर्न जूस खरीदते समय उसमें मिलाई गई अतिरिक्त चीनी और लेबल पर दी गई सामग्री भी देखनी चाहिए।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं, नियमित दवाएं लेने वाले लोगों और किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को सी बकथॉर्न सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
खासकर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर या खून के थक्के बनने को प्रभावित करने वाली दवाएं लेने वालों को सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि सप्लीमेंट और दवाओं के बीच परस्पर प्रभाव संभव हो सकता है।
सी बकथॉर्न पौष्टिक फल जरूर है, लेकिन इसे किसी बीमारी की चमत्कारी दवा समझना सही नहीं होगा। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि चिकित्सकीय समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह और प्रमाणित उपचार को प्राथमिकता देनी चाहिए।