Lifestyle लाइफ स्टाइल :मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल भारत में खासकर दिवाली, पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक अवसरों पर किया जाता है। इन दीयों की रोशनी न केवल घर को रोशन करती है, बल्कि एक पारंपरिक और सकारात्मक माहौल भी बनाती है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि इस्तेमाल के बाद लोग इन्हें बेकार समझकर फेंक देते हैं, जो सही नहीं माना जाता।

विशेषज्ञों और होम डेकोर एक्सपर्ट्स का कहना है कि पुराने मिट्टी के दीयों को फेंकने के बजाय उन्हें दोबारा उपयोग करके घर की सजावट को और भी आकर्षक बनाया जा सकता है। थोड़ी सी क्रिएटिविटी के साथ ये साधारण दीये घर के इंटीरियर को एक नया और मॉडर्न टच दे सकते हैं।

आज के समय में DIY (Do It Yourself) डेकोरेशन का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में पुराने दीयों का उपयोग करके कई तरह के सजावटी आइटम बनाए जा सकते हैं। इन्हें रंग-बिरंगे पेंट से सजाकर दीवारों पर लगाया जा सकता है, जिससे घर की दीवारें खूबसूरत लगती हैं। इसके अलावा इन्हें मोमबत्ती होल्डर के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

कुछ लोग मिट्टी के दीयों को गमलों के रूप में भी बदल रहे हैं। छोटे पौधे या सक्युलेंट्स लगाकर इन्हें टेबल या बालकनी में सजाया जा सकता है। यह न केवल इको-फ्रेंडली होता है, बल्कि घर को प्राकृतिक लुक भी देता है। वहीं, कुछ लोग इन दीयों पर रंगीन धागों, स्टोन और ग्लिटर का इस्तेमाल करके इन्हें आर्ट पीस का रूप दे रहे हैं।

होम डेकोर एक्सपर्ट्स के अनुसार, पुराने दीयों को रंगकर उन्हें लाइटिंग डेकोरेशन के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें एक साथ सजाकर फेस्टिव लाइटिंग बनाई जा सकती है, जो घर के किसी भी कोने को आकर्षक बना देती है। इसके अलावा इन्हें टेबल सेंटरपीस के रूप में भी रखा जा सकता है।

आज के समय में जब लोग यूनिक और सस्टेनेबल डेकोर की तरफ बढ़ रहे हैं, ऐसे में पुराने सामान का दोबारा उपयोग करना एक अच्छा विकल्प माना जा रहा है। इससे न केवल खर्च कम होता है, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा मिलता है।

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